रेडक्रोस सोसाइटी ने कुष्ठ रोगियों के बीच कम्बल किया वितरण
प्रवीण कुमार (कटिहार)
ठंड के कहर में समाज के अंतिम पंक्ति ने गुजर बसर कर रहे लोगों का जीना मुहाल हो जाता है।भारतीय रेडक्रोस सोसाइटी द्वारा मदर टेरेसा चर्च द्वारा संचालित निर्मल हृदय अस्पताल में कुष्ठ रोगियों के बीच कम्बल वितरण किया गया। वितरित करते हुए चेयरमैन अनिल चमरिया ने कहा कि दुनिया में सर्वाधिक कुष्ठ रोगी भारत में हैं। सामाजिक सोच ने कुष्ठ रोगियों का जीवन और कठिन बना दिया है क्योंकि रोगी को सिर्फ रोग से नहीं बल्कि समाज में फैले स्टिग्मा से भी मुकाबला करना होता है। उपाध्यक्ष शोभा जायसवाल ने कहा कि कुष्ठ रोगियों के साथ समाज आज भी भेदभाव रखता है जो कदापि सही नही। सचिव संतोष गुप्ता ने कहा किकुष्ठ रोग के शिकार लोगों का हौंसला और बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने, कुष्ठ से संबंधित कलंक और भेदभाव को समाप्त करने हेतु लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से रेड क्रॉस सतत प्रयत्नशील है ताकि कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की गरिमा का सम्मान किया जा सके।इसी कड़ी में मदर टेरेसा के निर्मल हृदय संस्थान में 70 कुष्ठ रोगियों के बीच कंबल वितरित किए गए।मौके पर प्रबंध समिति सदस्य बिमल सिंह बेगानी, आलोक सिंहा ने उपस्थित कुष्ठ रोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि वो भी अपने को समाज के मुख्य धारा से जोड़कर रखें और मन मे आत्म्विश्वास रखें। प्रबंध समिति सदस्य पुरुषोत्तम मोदी, नरेश साह ने कहा कि चर्च स्थित निर्मल हृदय में कुष्ठ रोगियों का इलाज वर्षों से निःशुल्क होता है और रेडक्रोस द्वारा समय समय पर उनकी यथासंभव सहायता की जाती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही अलग अलग जगहों पर समाज के अंतिम पंक्ति में गुजर बसर कर रहे निःसाहयों के बीच कंबल वितरण किया जाना है। इस मौके पर उपस्थित प्रबंध समिति सदस्य डॉक्टर रीना भगत ने कहा कि कुष्ठ रोग का शुरुवाती दिनों में इलाज किया जाना जरूरी है। देरी होने से अपंगता का खतरा बना रहता है। प्रबंध समिति सदस्य विक्की जायसवाल, मनोज गुप्ता ने कहा कि ठंड को देखते हुए आगे भी कम्बल वितरण किया जायेगा । उन्होंने कहा कि आज अनिल चमरिया, डॉक्टर रंजना झा एवं विवान सरकार कि सौजन्य से कम्बल वितरण किया गया। इस मौके पर रेडक्रॉस सदस्य डॉक्टर डी के भगत भी मौजूद थे।
