November 6, 2026

मनिहारी के बैंक ऑफ इंडिया में ऋणधारकों से दलाली का खेल, आत्महत्या की कगार पर पहुंचे व्यापारी।

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(रतन कुमार ओझा)

मनिहारी के नगर स्थित बैंक ऑफ इंडिया की ऋण व्यवस्था दलाली प्रथा के जाल में फंसी है। दिलारपुर और बौलिया पंचायत के व्यापारी इस समस्या से बुरी तरह त्रस्त हैं। ऋणी शमिम अख्तर ने व्यवसाय के लिए एक साल पहले बैंक से छह लाख रुपये ऋण के लिए आवेदन किया था। लेकिन दलालों ने पेपर प्रोसेस, अधिकारी शुल्क, सिविल सुधार, जीवन बीमा और किस्त के नाम पर लाखों रुपये निकालकर बंदरबांट कर लिया। अख्तर का कहना है कि अब उनके पास व्यवसाय चलाने और ऋण की किस्त अदा करने के लिए पर्याप्त रकम नहीं बची है। उन्होंने आत्महत्या को ही अंतिम विकल्प बताते हुए अपनी स्थिति को बेहद नाजुक बताया।दिलारपुर के कपड़ा व्यापारी अल्फाज आलम और अब्दुल बसीर भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। सभी पीड़ितों ने बैंक के उच्च अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

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