कुर्सेला भागवत कथा सुनने को लेकर उमरे श्रद्धालु
हर वर्ष आते हैं यहां से राज्य एवं देश-की चर्चित कथा वाचिका
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
कटिहार जिले कुर्सेला प्रखंड के अयोध्यागंज बाजार स्थित सौ साल प्राचीन व ऐतिहासिक सार्वजनिक वैष्णवी दुर्गा मंदिर नवरात्रि के पावन अवसर पर दस दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया है। कथा वाचन के लिए सुप्रसिद्ध देवी प्रतिभा जी का आगमन हुआ है। भागवत कथा के आयोजन से परिक्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है। कथा वाचिकी देवी प्रतिभा ने कहा कि सुख और दुख जीवन में एक सिक्के के ही दो पहलू हैं। कभी सुख आता है और कभी दुख। जिस प्रकार समय का पहिया हमेशा चलता रहता है उसी प्रकार दुख और सुख भी आते और जाते रहते हैं इन दोनों की भी एक अवधि होती है। परंतु मनुष्य के जीवन में जब कभी कर्तव्य विमूड़ अर्थात कुछ भी ज्ञान न होने की स्थिति आए तो मनुष्य को शास्त्रों से प्रेरणा लेनी चाहिए। कलयुग में कथाओं के संचालन का अर्थ ही प्रभु की प्राप्ति एवं मनुष्य के जीवन को सही मार्ग दिखाना है। उन्होंने बताया मनुष्य कि असल विपदा भगवान को भूल जाना है और मनुष्य की असल सम्पदा भगवान को सुख और दुख में याद रखना है। भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती। कहा जिस स्थान पर कथा होती है वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवन नाम के जाप से सारे विपत्ति नाश हो जाते हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मनुष्य को समाज में अच्छे काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य अच्छा व सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है व बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है।इसलिए सभी को अच्छे कर्मो के प्रति आकृष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मार्ग दमन का है तो दूसरा उदारीकरण का। दोनों ही मार्गो में अधोगामी वृत्तियां निषेध हैं। जैसे कि गोकर्ण ने कथा कही, किन्तु उसके दुराचारी भाई धुंधकारी ने मनोयोग से उसे सुना तो मोक्ष प्राप्त हो गया। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा तृप्ति नहीं होती है। भागवत कथा श्रवण करने को लेकर सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालु पहुंचते हैं।
