मदरसा नुरुल इस्लाम दखली शाहनगर,सिकोरना में दो मंजिला भवन निर्माण कार्य युद्ध स्तर से जारी
मदरसा के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन मीनू के अनुसार परोसा जाता है।
मदरसा में विषय वार शिक्षकों की हो नियुक्ति : मो० अजमल
प्रवीण कुमार(कटिहार)
कदवा प्रखंड अंतर्गत सिकोरना पंचायत स्थित मदरसा नुरुल इस्लाम दखली शाहनगर,सिकोरना के छात्र छात्राओं को सरकारी विद्यालय की तर्ज पर सुविधा नहीं मिल रहा है। जिसके कारण छात्र छात्राओं के साथ अभिभावकों में रोष व्याप्त है।कई छात्र-छात्राओं के अभिभावक मदरसा में आकर कहते हैं कि मेरे बच्चें का नाम मदरसा से कटवाना है और सरकारी विद्यालय में नामांकन करना है। क्योंकि सरकारी मदरसा में सरकारी विद्यालय की तरह सुविधा तथा योजनाओं का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है। छात्र-छात्राओं ने एक स्वर से कहा कि सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बहुत सारी सुविधाएं दी जा रही है। लेकिन मदरसा में पढ़ने वाले हम सभी छात्राओं को मध्यान भोजन की सुविधा छोड़कर किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं दी जाती है। अभिभावक बताते हैं कि राज्य के गैर सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक के माध्यमिक मदरसा, संस्कृत विद्यालय में पढ़ने वाले छात्राओं के लिए निशुल्क किताब तथा कॉपी देने की घोषणा शिक्षा मंत्री के द्वारा किया गया है। 2025- 26 शैक्षणिक सत्र में छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।मदरसा के वस्तानिया के छात्राओं को बुनियादी सुविधा क्लासरूम, लाइब्रेरी,बेंच, बोरिंग,टंकी, शौचालय का प्रावधान है।इसके साथ आधुनिक पढ़ाई से जोड़ने के लिए नया पाठ्यक्रम भी लागू किया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद भी मदरसा को सुविधा नहीं मिल रहा है। हेड मौलवी मो0 अजमल बताते हैं कि मदरसा को साढे 36 डिसमिल जमीन है। जिसमें चार कमरा में पठन-पाठन का संचालन हो रहा है। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सुद्धढीकरण योजना से 49 लाख 92 हजार की लागत से चार कमरे का दो मंजिला मकान जिसमें 3 शौचालय भी शामिल हैं। निर्माण कार्य युद्ध स्तर से जारी है। मदरसा के छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल के लिए एक चापाकल लगाया गया है। मदरसा में बिजली कनेक्शन लेकर सभी कमरे में बिजली पंखा एवं लाइट की व्यवस्था किया गया है। मदरसा में फर्नीचर, टेबल, कुर्सी, बेंच- डेक्स की व्यवस्था किया गया है। मदरसा के शिक्षकों को मेडिकल, इंक्रीमेंट मिलना चाहिए और सरकारी स्कूल के तर्ज पर मदरसा के छात्र-छात्राओं को भी सुविधा मिलनी चाहिये। हेड मो0 अजमल ने बताया कि मदरसा में विषय वार कम से कम 8 शिक्षक की आवश्यकता है। मदरसा नुरुल इस्लाम वाली शाहनगर सिकोरना के प्रभारी हेड मौलवी मो0 अजमल ने बताया कि मदरसा में शिक्षक का पद स्वीकृत के बाबजूद मात्र दो शिक्षक से मदरसा का संचालन किया जा रहा है। मदरसा में मैं स्वयं मोहम्मद अजमल के अलावे शिक्षक मो0 अशगर अली के द्वारा मदरसा का संचालन किया जा रहा हैं। शिक्षक की कमी रहने के कारण वर्ग एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को विषय वार पठन-पाठन करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कम से कम आठ शिक्षक होना चाहिए।शिक्षक मो0अशगर अली पठन-पाठन से लेकर मदरसा के विकास कार्य में काफी सहयोग करते हैं। हेड मौलवी मोहम्मद अजमल ने बताया कि मदरसा में जीव विज्ञान,भौतिकी,रसायन विज्ञान एवं गणित सहित कई विषयों के शिक्षक की अब तक नियुक्ति नहीं हुई है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत मदरसा में पठन-पाठन करने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन मीनू के अनुसार दिया जा रहा है। मदरसा में 150 बच्चों का नामांकन पंजी में नाम दर्ज है।
