May 26, 2026

अभाविप बलरामपुर कार्यकर्ताओं द्वारा बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर पुतला दहन किया गया।

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(बलरामपुर डेस्क)

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर बढ़ती हिंसा और अत्याचार की घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कटिहार पूर्वी बारसोई जिला के बलरामपुर इकाई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। तेलता मोड़ चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय, बांग्लादेश की यूनुस सरकार मुर्दाबाद तथा बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो जैसे नारों के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त किया।इस अवसर पर बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर यह संदेश दिया गया कि धार्मिक स्वतंत्रता कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।प्रदर्शन के दौरान बिनोद कुशवाहा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है।दीपू चंद्र दास नामक युवक की नृशंस हत्या की घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अम्रित सिंह ने कहा कि दीपू एक गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत था और किराए के मकान में रहता था।आरोप है कि झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने उसके घर में घुसकर पहले बेरहमी से पिटाई की, फिर हत्या कर दी और बाद में शव को पेड़ से बांधकर आग के हवाले कर दिया।वहीं पप्पू मलिक व बहादुर सिंह ने संयुक्त रूप में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाएं मानवता पर गहरा धब्बा हैं।बावजूद इसके अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और तथाकथित उदारवादी वर्ग की चुप्पी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश की घटनाएं केवल समाचार नहीं, बल्कि उन सभी देशों के लिए गंभीर चेतावनी हैं जहां हिंदू अल्पसंख्यक के रूप में रहते हैं.वहां उनकी सुरक्षा और अधिकार लगातार खतरे में पड़ते जा रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भारत सरकार से मांग की कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाए तथा बांग्लादेश सरकार पर दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने का दबाव बनाए।मौके पर रंजीत महतो,महेश महतो,मुकेश सिंह, जयराम सिंह, प्रदीप गोस्वामी, अमरजीत सिंह, सुजन कुमार सिंह,राजा मल्लिक, धर्मेंद्र महतो आदि मौजूद रहे।

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