भाजपा जिला उपाध्यक्ष रवि कुमार साह एवं जदयू प्रखंड अध्यक्ष विजय दास ने कल्याणी मंदिर में किया पुजा अर्चना
प्रवीण कुमार(कटिहार)
कदवा प्रखंड अंतर्गत सिकोरना पंचायत के कल्याणी मंदिर में तीसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान कर कल्याणी मंदिर में पूजा अर्चना किया। इस अवसर पर कल्याणी नदी के किनारे भव्य मेला लगाया गया है। मेला में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चें पहुंच कर लुप्त उठा रहे हैं। भाजपा जिला उपाध्यक्ष सह पूर्व प्रमुख रवि कुमार साह एवं जदयू प्रखंड अध्यक्ष विजय दास ने कल्याणी मंदिर पहुंच कर पुजा अर्चना किया। मंदिर कमिटि के पदाधिकारी से मिलकर जानकारी लिया। मेला की विधि व्यवस्था का जायजा लिया।भाजपा जिला उपाध्यक्ष सह पूर्व प्रमुख रवि कुमार साह एवं जदयू प्रखंड अध्यक्ष विजय दास ने बताया कि सैकड़ो वर्ष पूर्व कल्याणी नामक एक लड़की की शादी हुई थी। शादी के पश्चात पालकी पर कल्याणी नमक दुल्हन बारातियों के साथ मायके से विदा होकर अपने ससुराल जा रही थी।उस समय कोई आधुनिक सड़क तथा सवारी उपलब्ध नहीं था। बाराती बैलगाड़ी में सवार थे। दुल्हन के रूप में कल्याणी पालकी पर लाल जोड़े में सज धज कर मायके से ससुराल जा रही थी। जब रात हो गई तो बारातियों ने रात्रि विश्राम सिकोरना ग्राम में करने का निर्णय लिया। सिकोरना ग्राम के समीप एक बगीचा में बारातियों का कैंप रात्रि विश्राम के लिए लगाया गया। इसी बीच अस्त्र-शस्त्र से लैस होकर कुछ लोग घोड़े पर सवार होकर गुजर रहे थे।इसी बीच नई नवेली लाल जोड़े में दुल्हन को देखकर यह लोग वहां रुक गये। और लाल जोड़े में दुल्हन को अपना दुल्हन बनाने की इच्छा से अगवा करने के लिए गतिविधि शुरू किया। तभी दुल्हन रोने लगी। इनके आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रही थी। धीरे- धीरे इनकी आंसू नदी में परिणत हो गया। अपहरण जिस पर दुल्हन सहित बारातियों ने विरोध किया। इस क्रम में लाल जोड़े में बैठी दुल्हन पालकी में बैठी दुल्हन पर जानलेवा हमला हुआ और बुरी तरह जख्मी हो गयी। तत्पश्चात दुल्हन लाल जोड़े में दुल्हन की मृत्यु हो गई। एक तरफ उनकी मृत्यु होना, दूसरी तरफ अचानक इस स्थान के समीप कुंड में पानी भर गया और नदी में परिणत हो गया।उस नदी में एक सुंदर सोने जैसा चमकीला दुल्हन के रूप में मछली के रूप में परिणत हो गया। लोगों को विश्वास हुआ ग्रामीणों ने तुरंत एक झोपड़ी का निर्माण कर मंदिर बनाया। और पुजा अर्चना शुरू कर दिया।तब से लेकर आज तक इस मंदिर में पूजा अर्चना प्रारंभ हो रहा है।
