अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में विद्यालय की प्रगति और शैक्षणिक गुणवत्ता पर हुई चर्चा
डेस्क (हसनगंज)
हसनगंज प्रखंड अंतर्गत बलुआ पंचायत स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पदमपुर में बुधवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मधु भारती ने की। संगोष्ठी में विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सेवा ही संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित चित्रांकन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। उप निदेशक अनीश कुमार सिंह की उपस्थिति में सफल प्रतिभागियों को प्रस्तुति पत्र एवं कलम देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापिका मधु भारती ने विद्यालय को मॉडल विद्यालय बनाए जाने के बाद हुए व्यापक सुधारों एवं विद्यालय की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की प्रगति, विद्यालय की भौतिक सुविधाओं, निपुणता शिक्षा तथा शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित उपलब्धियों की जानकारी अभिभावकों एवं आम लोगों को दी गई। उन्होंने कहा कि मॉडल विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं एवं सरकारी योजनाओं के बारे में भी अभिभावकों को जागरूक किया गया। इनमें छात्रवृत्ति, पोशाक योजना, साइकिल योजना सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। अभिभावकों ने विद्यालय की गतिविधियों और बच्चों की शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव भी रखे। मौके पर सहायक शिक्षक निकेश कुमार ठाकुर, पूनम कुमारी, विजेता लक्ष्मी, सरमेज अली, सरोज कुमार राय, अखिलेश कुमार, किशन कुमार सिंह, सुमंत कुमार, तनुश्री सुमन, शालिनी यादव, चौहान संधू रमेश, मोहम्मद इंतखाब, अंगिका कुमारी, राहुल कुमार यादव, मो. मुर्तजा, लिपिक रौशन कुमार, रविकांत सुमन, सना साबिर सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
