वोगिया भावरिया उत्सव का किया गया आयोजन
जगन्नाथ दास (बलरामपुर)
बलरामपुर के पास प०बं० के टुनिदिधी में मीटदिघी राजवंशी समुदाय की भाषा, साहित्य,सामाजिक- संस्कृति,भोजन, वस्त्र, संगीत, नृत्य एवं दैनिक उपयोग की विभिन्न सामग्रियों की व्यवस्था कर बोगिया भवरिया उत्सव का शुभारम्भ हुआ। राजबंशी गवूर संघ संस्था द्वारा आयोजित यह मेला छठवें वर्ष उत्तरी दिनाजपुर जिले के करनदिघी के मिटदिघी में आयोजित हुआ।उत्तरी बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा नेपाल और बांग्लादेश के प्रसिद्ध कलाकारों ने भावय गीत, कुषाण गीत, खान गीत की प्रस्तुति दी। नटुआ गीत, बिशहर गीत, चंडी नृत्य, ग्वालिनी नृत्य प्रस्तुत किया। घर और कृषि कार्य में उपयोग की जाने वाली विभिन्न वस्तुएं, खाद्य पदार्थ जैसे वक्का, बोगिया, तिल-गुड़, सूक्त, सिदल, लफर पेलका, फोगदोई, घोंघा दुगडुगी और सुकती। हल्दिया कपड़े में तौलिये, पटनी, कपा और बुकनी शाही समाज की खोई हुई वस्तुएं हैं। इस मेले का आयोजन विशेष रूप से नई पीढ़ी को पेश करने के लिए होता है। पश्चिम बंगाल सरकार के राजवंशी विकास एवं सांस्कृतिक बोर्ड एवं राजवंशी भाषा अकादमी के अध्यक्ष एवं राजवंशी समाज के वंशीवदन बर्मन द्वारा भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के बोगिया भावय महोत्सव का शुभारम्भ किया गया।राजवंशी गावूर संघ के अध्यक्ष प्रभात चंद्र सिंह, सचिव मोहनलाल सिंह, करनदिघी बोगिया भवैया महोत्सव इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष दिनेश चन्द्र सिंह सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।राजबंशी गावूर संघ के सचिव मोहनलाल सिंह ने विश्व के विभिन्न भागों में अलग-थलग, अपमानित और शोषित रह रहे राजवंशी समाज के लोगों को जाग्रत करने का आह्वान किया। समाजसेवी जगन्नाथ दास ने भाषा संस्कृति को बचाके रखना है।।राजवंशी रत्न 2023 दूरदर्शन की कलाकार हिमाद्री देवरी और नेपाल के प्रमुख समाजसेवी अभय राजवंशी को प्रदान किया गया। इस मौके पर विश्वनाथ सिन्हा , धर्मेंद्र सिन्हा, बंकिम कुमार ,अजय सिंह ,भादो सिंह, विभिन्न जगह से बिहार ,बंगाल, आसाम के पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश के प्रतिभागीयौ उपस्थित थे।
