भारीडीह महा शिवरात्रि के लिए सजने लगे शिव शंकर का दरबार ।
तनवीर आलम (हसनगंज)
हसनगंज प्रखंड मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर स्थित बलुआ पंचायत के वर्षों पुराना ऐतिहासिक व प्राचीन इस शिव मंदिर भारीडीह की साफ सफाई के साथ-साथ रंग रोगन कार्य जोरों शोरो से मंदिर कमिटी एवं पुजारियों के देख रेख में किया जा रहा है। जिसकी ख्याति आसपास के क्षेत्रों सहित जिले के दूरदराज इलाकों से के साथ-साथ अलग-अलग जिलों के लोग मन्नते मांगने इस मंदिर में पहुंचते हैं। इस मंदिर की प्रति लोगों की आस्था जुरी है। मंदिर की विशेषताएं बताते है कि इस शिव मंदिर में जो भी सच्चे मन से भोले बाबा से आरजू की उनकी मुरादे अवश्य ही पूरी हुई। मंदिर का परिसर देखते ही बनता है। मंदिर की सुन्दरता और आसपास के जगहों का अगर वास्तविक आकलन किया जाय तो कटिहार जिलेे में इस जगह को पर्यटक स्थल रूप में देखा जा सकता है। इस मंदिर में शिवरात्रि को लेकर बहुत बड़ा भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस दिन लाखोंं की तादाद में श्रद्धालुुु दूरदराज नेपाल, बंगाल एवं आस पास के इलाकों से यहांं पहुंचते। यहां श्रृद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है। आज इस मंदिर की ख्याति काफी बढ़ चुकी है। यहांं शिवरात्रि मे लगने वाला मेला तीन से चार दिनों तक चलता है। और पूर्व से धार्मिक दृष्टि से इस जगह काफी प्रसिद्धि है। महा शिवरात्रि मे तो एक पक्ष का मेला रहता है। अन्य दिनो मे भी शिव मंदिर मे हाजिरी बजाने वालो की संख्या कमी नही रहती है। जानकारी के मुताबिक स्थापित कटिहार, डंडखोरा, प्राणपुर और कदवा प्रखंडो के अधिकांश हिन्दु धर्मावलम्बियो के बीच छोटा बाबाधाम के अस्तित्व है। बलुआ पंचायत के मुखिया कन्तलाल मुर्मू, पूर्व प्रमुख मनोज कुमार मंडल, प्रमुख प्रतिनिधि गौतम कुमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि सदानन्द तिर्की, मेला अध्यक्ष बाबूलाल मुर्मू आदि ने कहा कि मंदिर की रंग रोगन जोरों के साथ किया जा है। भोले शंकर की कृपा यहां ग्रामीणों पर हमेशा रहती है। यहां खुशहाली है तथा श्रद्धालुओं जल चढ़ाते भक्तों पर भोले बाबा का आशीर्वाद फलता-फूलता है। यहां सच्चे और नेक मन से आरजू विनती करने वाले भक्तों की फरियाद अवश्य पूरा होता है। और इस रंग रोगन में शामिल विकास झा आदि मौजूद थे।
