May 26, 2026

भाजपा ने आपातकाल और लोकतंत्र की हत्या के विरूद्ध काला दिवस मनाया

Read Time:4 Minute, 41 Second

प्रवीण कुमार(कटिहार)

भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में जिला अध्यक्ष मनोज राय के अध्यक्षता में आयोजित आपातकाल और लोकतंत्र की हत्या के विरूद्ध काला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुर्णिया सदर विधायक विजय खेमका, विधान पार्षद अशोक कुमार अग्रवाल,कोढा विधायक कविता पासवान,पुर्व सांसद निखिल कुमार,पुर्व विधान पार्षद राजवंशी सिंह,पुर्व जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण ठाकुर,जिला महामंत्री रामनाथ पांडे,कार्यक्रम संयोजक व जिला महामंत्री वीरेंद्र यादव, सौरभ कुमार मालाकार,लोकसभा संयोजक कैलाश सिंह शामिल हुए। मुख्य अतिथि विजय खेमका ने कहा कि आज पुरे 25 जून 1975 इतिहास का वो काला दिन जिसने लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री के एक फैसले से देश में आपातकाल इमरजेंसी घोषित हुई और देश की जनता पर जो अत्याचार किये गए। उसकी कोई भरपाई नहीं हो सकती ।ऐसी क्रूरता पर इतिहास सदैव शर्मसार रहेगा। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास का ये काला दिन ही नही काली रात भी है। लेकिन अफसोस की बात ये है की आजतक उनकी पीढ़ी में कोई बदलाव नहीं आया।आज भी वही कांग्रेस की मानसिकता है। जिलाध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि एक रात में 9 हजार लोगों को उठा लिया गया था। देश का कोई प्रमुख नेता नहीं बचा था। मोरारजी देसाई, मोहन धारिया, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी ऐसी लंबी श्रृंखला है। इन नेताओं को एक दिन या दो दिन नहीं, बल्कि 19 महीनों से ज्यादा जेल में रहना पड़ा था। इन नेताओं का कसूर सिर्फ इतना था कि इन्होंने प्रजातंत्र की रक्षा और मजबूती के लिए आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा कि आपातकाल के खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन करने वाले असंख्य सत्याग्रहियों, समाजसेवियों, श्रमिकों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के संघर्ष को नमन करता हूँ। उपस्थित मंचासीन सभी वक्ताओं ने अपने अपने संबोधन में कई विषयों को रखते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या और उस पर बार-बार आघात करने का कांग्रेस का लंबा इतिहास रहा है। साल 1975 में आज के ही दिन कांग्रेस के द्वारा लगाया गया आपातकाल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। अहंकार में डूबी, निरंकुश कांग्रेस सरकार ने एक परिवार के सत्ता सुख के लिए 21 महीनों तक देश में सभी प्रकार के नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी थी, संविधान में बदलाव किए और न्यायालय तक के हाथ बाँध दिए थे। इस मौके पर कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश चौधरी, मुकेश पासवान,रंजना झा, जिला मंत्री धर्मनाथ तिवारी, मंजू चंद्रवंशी,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रिना झा, छाया तिवारी, नेहा किरण,चंदन सिन्हा, संतोष सिंह, सुमन श्रीवास्तव, देवब्रत गुप्ता, युवा मोर्चा के महामंत्री जोकसन यादव, सोनू सिन्हा, अंकित मालाकार, आईटी सेल के संयोजक रिश्ते सिन्हा,नगर अध्यक्ष शेखर जयसवाल, निलेश ठाकुर, सहित 1975 के आन्दोलनकाली रहे कई समाजसेवी सहित जिला मंडल मंच मोर्चा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।

Previous post बेतहाशा कर वृद्धि के निर्णय का किया विरोध, मांग पत्र सौंपा
Next post उत्क्रमित मध्य विद्यालय कांता मुरादपुर के छात्र-छात्राएं शत प्रतिशत वेश में आते हैं
Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial