June 17, 2026

अर्द्धनारेश्वर शिवलिंग वाले गौरी शंकर मंदिर को पुरातात्विक स्थल घोषित करने की मांग।

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मनिहारी (रतन कुमार ओझा)

मनिहारी नगर के वार्ड संख्या 10 स्थित प्राचीन अर्द्धनारेश्वर शिवलिंग वाले श्री श्री 108 गौरी शंकर शिव मंदिर को बिहार प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल, अवशेष तथा कलानिधि अधिनियम, 1976 के तहत संरक्षित घोषित करने की मांग उठी है। मनिहारी के सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद् डॉ० ओम प्रकाश पाण्डेय ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर इस संबंध में निवेदन किया है।अपने पत्र में डॉ० पाण्डेय ने 1964 के पूर्णिया जिला गजेटियर (भाग–18, पृष्ठ 742) का उल्लेख करते हुए बताया कि मंदिर का वर्तमान ढांचा अपेक्षाकृत नया है, किंतु स्थापित शिवलिंग अत्यंत प्राचीन प्रतीत होता है। गजेटियर के अनुसार प्रसिद्ध भाषाविद् एवं पुरातत्वविद् डॉ० एस. के. चटर्जी ने वर्ष 1958 में स्थल का दौरा कर शिवलिंग को लगभग एक हजार वर्ष पुराना माना था। शिवलिंग की विशेषता यह है कि इसके दो भाग हैं—एक शिवलिंग तथा दूसरा देवी पार्वती का स्त्री मुख, जो मध्य भाग से संयुक्त है, जिससे यह अर्द्धनारेश्वर स्वरूप का प्रतीक बनता है।डॉ० पाण्डेय ने आशा जताई है कि इसे संरक्षित स्थल घोषित किए जाने से मंदिर के संरक्षण, शोध और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ावा

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