May 25, 2026

प्राथमिक विद्यालय सागधर में बच्चों के रुचि के अनुसार कक्षा का होता है संचालन

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82% छात्र-छात्राएं नियमित रूप से विद्यालय आते हैं : नजमुल होदा ।

प्रवीण कुमार(कटिहार)

ग्रामीण क्षेत्र में के सरकारी विद्यालय में बच्चों के रुचि के अनुसार कक्षा का संचालन किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे प्रधानाध्यापक के अलावे अपने-अपने वर्ग शिक्षक को अपनी रुचि के अनुसार कक्षा संचालन करने की सलाह देते हैं। और प्रधानाध्यापक बच्चों के रुचि के अनुसार वर्ग शिक्षक को पठन-पाठन करने का निर्देश दिया है। जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चे बड़े चाव से विद्यालय आते हैं और रुचि पूर्वक पठन-पाठन करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह दृश्य जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत गठौरा पंचायत के प्राथमिक विद्यालय सागधर में देखने को मिला। प्राथमिक विद्यालय सागधर की स्थापना 1984 को की गई है। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने बताया कि विद्यालय में पठन-पाठन कर रहे छात्र-छात्राओं के रुचि के अनुसार नियमित रूप से क्लास का संचालन किया जाता है। छात्र-छात्राएं नियमित रूप से विद्यालय आते हैं और पठन-पाठन में रुचि लेते हैं। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय में 9 शिक्षक हैं। जिसमें सोनिका कुमारी, कुमारी सरोज, बिना कुमारी, मोहम्मद इमामुद्दीन, कुमारी सुप्रभारानी, खुशबू कुमारी चौहान,मोहम्मद हैदर अली, प्रियंका कुमारी, धीरज पांडे सभी शिक्षक वर्ग में ईमानदारी पूर्वक छात्र-छात्राओं के साथ घुल मिलकर खेल-खेल में बच्चों के छात्रों के रुचि के अनुसार पठन-पाठन करते हैं।सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं विद्यालय के संचालन में भी सहयोग करते हैं। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने कहा कि इस विद्यालय में 349 छात्र-छात्राएं का नामांकन है। जिसमें 82% छात्र-छात्राएं नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। प्रधानाध्यापक नजमुल होदा ने कहा कि बच्चों की उपस्थिति पंजी प्रतिदिन अवलोकन करते हैं। जिस दिन जो छात्र-छात्राएं अनुपस्थित पाए जाते हैं। उन छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर उनके घर जाकर माता-पिता को नियमित रूप से बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए जागरुक करते हैं। बच्चों के रुचि के अनुसार कच्चे का संचालन करते हैं।शत- प्रतिशत बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ देते हैं। नियमित रूप से विषय वार पठन-पाठन करते हैं। शिक्षक और अभिभावक के बीच प्रत्येक शनिवार को गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। गोष्ठी में प्रमुख रूप से चर्चा होती है कि बच्चों की विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित हो। बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन हो इस विषय पर अभिभावकों से सुझाव लिया जाता है। जिसके कारण विद्यालय में 82% छात्र-छात्राएं नियमित रूप से उपस्थित हो रहे हैं। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने कहा कि प्रत्येक कर दिवस के दिन समय पर विद्यालय हम और सभी शिक्षक शिक्षिका पहुंच जाते हैं। सबसे पहले विद्यालय परिसर में नंदिनी वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड मुजफ्फरपुर के द्वारा एक हाउसकीपर की नियुक्ति की है। हाउसकीपर के द्वारा विद्यालय परिसर के साथ-साथ शौचालय की सफाई करवाते हैं। सफाई के पश्चात चेतना सत्र का आयोजन किया जाता है।चेतना सत्र में प्रार्थना, योगा, बिहार की संविधान प्रस्ताव, प्रेरणा प्रसंग, समाचार वाचन एवं राष्ट्रीय गान बच्चों के द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। पहली पाली का नियमित कक्षा संचालन किया जाता है। मध्यान भोजन छात्र-छात्राओं को मीनू के अनुसार परोसा जाता है।दूसरी पालिका नियमित रूप से कक्षा का संचालन किया जाता है। मिशन दक्ष पार्टी का संधारण मासिक साप्ताहिक मूल्यांकन किया जाता है। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने बताया कि 31 जुलाई 2004 से दिसंबर 2010 तक पंचायत शिक्षक के रूप में विद्यालय में सेवा दिया। 1 जनवरी 2011 को विद्यालय का प्रभारी प्रधानाध्यापक पद पर योगदान किया। योगदान करने के पश्चात विद्यालय का सर्वांगीण विकास करने के लिए शिक्षक एवं अभिभावकों के साथ नियमित रूप से गोष्ठी का आयोजन किया गया। उस समय विद्यालय की स्थिति उतनी ठीक नहीं थी। संसाधन का घोर अभाव था। शिक्षकों की कमी थी। भवन की कमी थी।शौचालय नहीं था। सभी स्थिति को देखते हुए विद्यालय का सर्वांगीण विकास करने का निर्णय लिया गया। क्रमशः कर्मचारी का सर्वांगीण विकास की ओर बढ़ता रहा। जिसके कारण ग्रामीणों का सहयोग भी मिलता रहा। ग्रामीणों के सहयोग से आठ कमरे का दो मंजिला भवन का निर्माण कराया गया। दो शौचालय का निर्माण कराया गया। बच्चों की उपस्थिति विद्यालय में नियमित रूप से हो इसके लिए ग्रामीणों के साथ बैठक कर ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य किया। परिणाम स्वरूप विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति बढ़ने लगा। जहां छात्रों की संख्या 100 से नीचे थी। धीरे-धीरे मेहनत कर अभी वर्तमान में विद्यालय में 349 छात्र का नामांकन है। छात्रों का नामांकन जारी है। विद्यालय में छात्र की संख्या के अनुरूप संसाधन भी बढ़ाया गया। पहले बच्चों को बैठने के लिए बेंच डेक्स की व्यवस्था नहीं थी। अब सभी कमरों में छात्र-छात्राओं के लिए बैठने के लिए बेंच डेक्स की व्यवस्था कर दिया गया है। बच्चों के लिए पुस्तकालय बनाया गया है। विधायक कोष से पुस्तकालय के लिए किताब रखने का अलमीरा लिया गया है। बच्चों पठन-पाठन के पश्चात पुस्तकालय में भी बैठकर अध्ययन करते हैं। विद्यालय में 2020 में बिजली कनेक्शन करवाई गई। सभी कमरे में दो-दो बिजली पंखा लगाया गया। ताकि गर्मी के मौसम में बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके। विद्यालय में पेयजल के लिए पंप सेट के साथ-साथ पानी स्टोर करने के लिए टंकी लगाया गया। जगह-जगह हाथ धोने के लिए तथा पीने के पानी के लिए अलग-अलग नल की व्यवस्था की गई। बच्चे के रुचि के अनुसार कक्षा का संचालन किया जाता है। छात्र-छात्राओं के लिए दो कमरे में वॉल पेंटिंग कराई गई है। अब बच्चे नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में विद्यालय आते हैं। और पठन-पाठन में रुचि ले रहे हैं। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने बताया कि छात्र-छात्राओं को एफ एल एन किट के द्वारा भी शिक्षा दिया जाता है।वर्ग 1 से 4 तक के बच्चों के बीच बैग,कीट,पानी पीने का बोतल वितरण किया गया। वर्ग 1 से 5 तक के सभी छात्राओं को पुस्तक दिया गया। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने बताया कि विद्यालय में आने वाले पदाधिकारी या ग्रामीण के लिए कार्यालय में विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक का फोटो, पद, मोबाइल संख्या युक्त विस्तृत जानकारी युक्त पोस्ट कार्यालय में चिपकाए गया है। ताकि किन्ही निरीक्षण करने वाले लोगों को किसी भी तरह की को जानकारी मिल सके। विद्यालय में कितने शिक्षक हैं। शिक्षक शिक्षकों का फोटो के साथ मोबाइल संख्या भी अंकित कर दिया गया है। प्रधानाध्यापक मोहम्मद नजमुल होदा ने कहा कि ईमानदारी पूर्वक विद्यालय का संचालन किया जाता है। किसी भी प्रकार की छात्र-छात्राओं को परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है। ग्रामीण भी विद्यालय की सुधीर स्थिति को देखकर काफी खुश हैं।

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