May 25, 2026

उत्क्रमित मध्य विद्यालय दियारी बझाडा़ में छात्र छात्राएँ समय का पालन करते हुए पठन-पाठन में अभिरुचि रखते हैं

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प्रवीण कुमार(कटिहार)

उ0मध्य विद्यालय दियारी बझाडा़ महानंदा रीगा नदी के किनारे अवस्थित है। इस विद्यालय में वर्तमान में 317 छात्र अध्यनरत है। सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालयआते हैं और विद्यालय में का समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि रखते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापक से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। विद्यालय का सर्वांगीण विकास कर गांव का गौरव का प्रतीक बन चुका है। इस विद्यालय में शिक्षक- शिक्षिकाएं विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापक को काफी सहयोग कर रहे हैं। जिसके कारण विद्यालय अल्प अवधि में काफी विकसित हो गया है। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। जिले के कदवा प्रखंड अन्तर्गत उ0मध्य विद्यालय दियारी बझाडा़ के प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने विद्यालय का गैर शैक्षणिक एवं शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ करते है। विद्यालय में सभी शिक्षक उपस्थित होकर विद्यालय में नए-नए छात्र-छात्राओं का नामांकन कार्य कर रहे है। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने कहा कि विद्यालय में अभी ई-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करने का काम तेजी से किया गया है।अभी तक 85 % छात्रों का दस्तावेज तैयार करबीआरसी कदवा भेज दिया गया है। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देश के आलोक में विद्यालय में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं का पुनः नए सिरे से नामांकन होगा। नामांकन कार्य के निष्पादन में विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिका सच्चिदानंद सिंह,मो0रफीकूल आजाद,मधु कुमारी,भावना कुमारी,विकास कुमार,शाहिल इस्लाम,सुलताना परवीन,विनय कुमार,शिक्षा सेवक मिथुन कुमार रजक,राधा कुमारी कार्य को अमली जामा देने में लगे हुए हैं। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देश की आलोक में ई-शिक्षा पोर्टल पर विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं का नाम लोड किया जाएगा। इस सिलसिले में दस्तावेजीकरण शिक्षक- शिक्षिकाओं के द्वारा तीव्र गति से किया जा रहा है। विधालय कार्यालय में शिक्षकों का गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने किया। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने कहा कि विद्यालय में नामांकन कार्य प्रारंभ हो गया है। नामांकन कार्य में सभी शिक्षक अपने-अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह करेंगे। नामांकन कराने वाले छात्र-छात्राएं के साथ-साथ अभिभावकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो, सहयोग करेंगे। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि नामांकन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए सरकारी नियमों का पालन करना आवश्यक है। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि समय बदल चुका है। समय के अनुसार विद्यालय आना और समय के अनुसार सभी वर्ग में नियमित रूप से पठन-पाठन करना सुनिश्चित करेंगे।शिक्षकों का सबसे पहला कर्तव्य होता है कि छात्र-छात्राओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें खेल-खेल में अनुशासन के साथ पठन-पाठन करने में ईमानदारी पूर्वक अभिरुचि रखेंगे। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विधालय के 57 डिसमिल जमीन पर 12कमरे का दो मंजिला भवन है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय में पठन-पाठन कर छात्र-छात्राओं वर्ग 1 में 12छात्र, वर्ग 2 में 29, वर्ग 3 में 27,वर्ग 4 में 33, वर्ग 5 में 32, वर्ग 6 में 53, वर्ग 7 में 83, वर्ग 8 में 48, टोटल 317 छात्र-छात्राएं का नामांकन विद्यालय में है। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने कहा कि वर्ग 1 से 8 तक के 317 छात्र – छात्राओं के बीच पाठ्य पुस्तक वितरण किया गया है। वर्ग 1 से 3 तक के 68 छात्र-छात्राओं के बीच बैग,पीने का पानी का बोतल एवं एफएलएन कीट का वितरण किया गया। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने कहा कि विद्यालय में बिजली निजस्तर पर कनेक्शन लिया गया है। विद्यालय के सभी कमरों में लाइट एवं चार-चार बिजली पंखा लगाया। जिसके कारण गर्मी के मौसम में छात्र-छात्राओं को गर्मी से राहत मिल सके और पठन-पाठन में परेशानी ना हो सके। विद्यालय के सभी कक्षा में नये फर्नीचर,बैंच,डेक्स की व्यवस्था किया है।हर वर्ग के ब्लैक बोर्ड का कालीकरण एवं साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं।प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने हाउसकीपर के द्वारा सफाई करायी जाती है। विद्यालय परिसर एवं शौचालय का साफ सफाई नियमित रूप से कराई जाती है। कार्यालय संचालन के लिए फर्नीचर, अलमीरा, कुर्सी, टेबल की व्यवस्था की गई है।बच्चों को टीएलएम कीट के द्वारा शिक्षा दिया जाता है। वर्ग के अनुसार कमरे में टीएलएम आनंददायी कक्षा में हर तरह के चित्र को लगाया गया है। चित्र के हिसाब से बच्चे को खेल-खेल में शिक्षक के द्वारा पठन-पाठन कार्य किया जाता है। प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने कहा कि विद्यालय में 317बच्चे का नामांकन है।80% छात्र – छात्राएं विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर रूटिंग के अनुसार पठन-पाठन कर रहे हैं। शिक्षक-शिक्षिकाएं किड्स के द्वारा पढ़ने में बच्चों को जागृति आई है।छात्र-छात्राओं रुचि लेकर पठन-पाठन करते हैं। पिछले दोनों 8 अप्रैल 2024 को विद्यालय परिसर में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। दीक्षांत समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित हुए थे। जिन छात्रों की उपस्थिति अव्वल रही तथा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया था। विद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं को प्रगति प्रमाण पत्र भी दिया गया। जिससे छात्र-छात्राएं काफी खुश हुये। इसका प्रभाव सकारात्मक विद्यालय में पडा़ और बच्चों के उपस्थिति में बढ़ रहा है। अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने की दिशा में रुचि रखते हैं। शिक्षक का सहयोग से विद्यालय का माहौल शैक्षणिक बन गया है। छात्र-छात्राओं को मीनू के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण नियमित मध्यान भोजन दिया जाता है। विद्यालय में प्रत्येक शनिवार को शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बैठक वर्ग वार करते हैं। जिसके कारण विद्यालय में नियमित रूप से 80 % छात्राएं पठन-पाठन करने के लिए आते हैं। गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक धनेश्वर शर्मा ने सभी शिक्षक से कहा कि नामांकन अधिक से अधिक बच्चों की हो और सरलता पूर्वक हो बच्चे की उपस्थिति और अधिक संख्या में हो। इसके लिए डोर-टू-डोर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने की जरूरत है। विद्यालय में प्रत्येक दिन स -समय पहुंच जाता हूं। सबसे पहले विद्यालय परिसर की साफ सफाई कराता हूं। उसके पश्चात अभियान गीत का संचालन किया जाता है।जिसमें ध्वनि विस्तारक यंत्र के द्वारा प्रार्थना,बिहार गीत, संविधान प्रस्तावना,प्रेरक प्रसंग, समाचार वाचन,राष्ट्रीय गान प्रस्तुत करते हैं। बच्चों के उपस्थिति में सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक ने अंत में कहा कि विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक शिक्षिकाएं सरकारी नियम का पालन करते हुए स-समय विद्यालय पहुंचकर विद्यालय रूटिंग का पालन अक्षरसः करते हैं। सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन नियमित रूप से कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय में मध्यान भोजन योजना से संचालित होने वाली भोजन शुद्ध पेयजल का प्रयोग किया जाता है।भोजनोंपरांत छात्र-छात्राओं के लिए हैंड वॉशिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में परिसर में मिट्टी भरायी करते हुये अगर ईट सोलिंग कर दिया जाता तो छात्रों को हर मौसम में सुविधा जनक होता।भवन का जीर्णोंद्धार,बिजली कनेक्शन,शौचालय एवं मूत्रालय की कमी का एहसास कर रहे हैं। खासकर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बैंच डैक्स,कम्प्यूटर दश सेटपानी फिल्टर,क्लर्क,खेल का मैदान,चाहारदीवारी का निर्माण तथा ऊंची करण हो जाता तो अच्छा होता। गोष्ठी में शिक्षक सच्चिदानंद सिंह,मो0रफीकूल आजाद,मधु कुमारी,भावना कुमारी,विकास कुमार,शाहिल इस्लाम,सुलताना परवीन,विनय कुमार,शिक्षा सेवक मिथुन कुमार रजक,राधा कुमारी ने भाग लेकर अपना-अपना विचार प्रकट किया।

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