August 18, 2026

सुविधाओं के अभाव में जूझ रहा मनिहारी जीआरपी थाना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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मनिहारी (रतन कुमार ओझा)

बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित मनिहारी रेल थाना वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए मनिहारी गंगातट पहुंचते हैं और सैकड़ों यात्री मनिहारी-बलुआघाट स्टेशन से कटिहार व अन्य स्थानों के लिए रेल यात्रा करते हैं। इसके बावजूद जीआरपी थाना संसाधनों के अभाव में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में जूझ रहा है।मनिहारी रेलवे क्षेत्र में रेलवे की बड़ी भू-संपदा, रेलवे कॉलोनी और सीमा से सटा इलाका होने के कारण सुरक्षा की भूमिका और बढ़ जाती है। पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में झारखंड से शराब की तस्करी रोकने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में जीआरपी की अहम भूमिका है। खासकर सावन में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से स्टेशन व आसपास सुरक्षा और मजबूत करने की जरूरत है।लेकिन यहां की स्थिति दयनीय है। जवान जर्जर बैरक और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। शस्त्र रखने के लिए शस्त्रागार नहीं है। एक छोटे कमरे में ही कार्यालय चलाया जा रहा है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए शौचालय-स्नानागार जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।स्थानीय लोगों ने रेलवे के वरीय अधिकारियों और रेल पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मनिहारी जीआरपी को पर्याप्त बल, आधुनिक संसाधन और बेहतर आधारभूत सुविधाएं दी जाएं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

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