बाल श्रम उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध एवं विनियम टास्क फोर्स की हुई बैठक ।
प्रवीण कुमार (कटिहार)
बाल श्रम उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध एवं विनियम टास्क फोर्स की बैठक समाहरणालय में किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला अधिकारी रवि प्रकाश ने किया। बैठक का मन संचालन श्रम अधीक्षक विनोद प्रसाद ने किया। बैठक में श्रम अधीक्षक विनोद प्रसाद ने एजेंडा को क्रमशः रखा। जिसे जिलाधिकारी ने गंभीरता पूर्वक सुना और सभी एजेंट को पर क्रमशः अपना सहमति जताई। जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि बाल श्रम से जुड़े बच्चों को विमुक्त करने के पश्चात यह बच्चे का पठन-पाठन स्थानीय विद्यालय में हो रहा है कि नहीं यह भी देखना है। अगर यह विद्यालय से जुड़े हुए नहीं है तो इन बच्चों को विद्यालय में नामांकन करते हुए पठन-पाठन की मुख्य धारा से जोड़ना है। जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि बाल श्रम को रोकने की दिशा में प्रखंड स्तर पर सर्वे करते हुए इनका सूची तैयार करना है। यह दायित्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं को दिया जाए ताकि केआरपी के द्वारा टोला सेवक, तालिमी मरकज से सर्वे करते हुए रिपोर्ट जमा करेंगे। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कल्याण विभाग से रिपोर्ट लेना है कि एससी, एसटी बच्चे अपने अंबेडकर आवासीय उच्च विद्यालय या अन्य सरकारी विद्यालय से उनको इन बच्चों को लाभ मिल रहा है कि नहीं अगर लाभ नहीं मिल रहा है, तो अविलंब इन बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ से अभिलंब जोड़ना है। जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने यह भी कहा कि बृहद एजुकेशन के तहत सेतु पाठ्य क्रम चलाया जाए और इस पाठ्यक्रम से बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाए। ऐसे बच्चों को शिक्षा सेवक के द्वारा चिंतित कराया जाय। जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि बाल श्रम से जुड़े सभी बच्चों को ट्रैफिकिंग की धारा 370 से जोड़ा जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि पोर्टल पर लोड करते हुए बच्चे को हर तरह की सरकारी सुविधाओं से जोड़ा जाय। जिलाधिकारी ने जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक को यह निर्देश दिया कि बाल कल्याण समिति के द्वारा बच्चों को रिस्टोर करने के पश्चात सभी बच्चों का समय-समय पर फॉलोआप करें। जिलाधिकारी में श्रम विभाग के अधीक्षक को निर्देश दिया कि बाल श्रम को रोकने के लिए अभियान को तेजी से चलाया जाए ताकि बाल श्रम धरातल से रख सके। इसके लिए प्रखंड स्तर पर की कमेटी को सशक्त करते हुए पंचायत स्तर पर सर्वे करना सुनिश्चित करेंगें। इस मद में प्रचार प्रसार करें जगह-जगह होर्डिंग बैनर भी लगाया जाय। जिसमें बच्चों से संबंधित अधिकारियों का व्हाट्सएप नंबर भी अंकित रहे। पंचायत में सशक्त करते हुए पंचायत स्तर उच्च विद्यालय को नोडल बनाना सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक बच्चे पठन-पाठन से जुड़ सके। इस अवसर पर जिला परिषद के अध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। नगर निगम के मेयर उषा अग्रवाल ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों के पलायन को रोकने के दिशा में आम लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ रेलवे स्टेशन बस पड़ाव पर विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के सदस्य प्रवीण कुमार झा ने कहा कि बाल कल्याण समिति बच्चों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए ईमानदारी पूर्वक कार्य करती है। इन्होंने कहा कि 3 वर्षों में 2000 से अधिक बालक एवं बालिकाओं को माता-पिता को सुपुर्द करते हुए मामले का निष्पादन किया गया है। श्रम विभाग के द्वारा 1 अप्रैल 2020 से 19 सितंबर 2023 तक 64 बालक बाल श्रमिक को विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान से रेस्क्यू किया गया है। इन सभी रेस्क्यू किए गए बालक एवं बालिकाओं को एसआईआर करते हुए विधिवत कार्रवाई करते हुए माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया है। इन बच्चों को फॉलो करने के लिए बाल संरक्षण इकाई को पत्र प्रेषित किया गया है। बैठक में सिविल सर्जन जितेंद्र नाथ सिंह, नगर आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य रोशन कुमार, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अखिलेश शर्मा, अभिलाष परिवार के सचिव राजेश सिंह आदि ने भाग लिया।
