घना कोहरा के कारण लंबी दूरी एवं लोकल ट्रेन विलंब से चलने के कारण यात्री परेशान
घने कोहरे और खराब मौसम का असर रेल परिचालन पर लगातार बना हुआ है।
प्रवीण कुमार झा(कटिहार)
घना कोहरा के कारण दूरगामी एवं लोकल ट्रेन काफी विलंब से चल रही है। जिसके कारण रेल प्रशासन सहित यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रेल प्रशासन के द्वारा घना कोहरा के बीच ट्रेन परिचालन करने के लिए कई तकनीक अपनाये हैं। जिसके कारण ट्रेन परिचालन में किसी भी तरह की परेशानी ना हो सके। बावजूद घना कोहरा के कारण अधिकांश ट्रेन का परिचालन विलंब से हो रहा है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री। घने कोहरे और खराब मौसम का असर रेल परिचालन पर लगातार बना हुआ है। इसका सीधा प्रभाव कटिहार से चलने वाली ट्रेनों पर भी देखा जा रहा है।
कटिहार से गुजरने वाली दर्जनों प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही है
कटिहार मंडल से गुजरने वाली दर्जनों प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं। लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ एक्सप्रेस लोकल ट्रेन भी इससे प्रभावित हुईं।जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।ट्रेनों के विलंब से स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। कई यात्रियों ने समय पर ट्रेन लेट होने की जानकारी न मिलने की शिकायत की। ठंड और लंबे इंतजार के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।कदवा के चंदन कुमार ने बताया कि ट्रेन लेट होने से उनकी परेशानी काफी बढ़ गई है। पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि वेटिंग हॉल में जगह न होने के कारण उन्हें ठंड में प्लेटफॉर्म पर ही समय बिताना पड़ रहा है। बारसोई के महेश कुमार सिंह ने ठंड में ट्रेन लेट होने को यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि कई मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचना होता है,लेकिन कोहरे या मालगाड़ी जैसी वजहों से होने वाली देरी सीधे उन पर असर डालती है। संतोष ने सुझाव दिया कि बढ़े हुए किराए के मद्देनजर रेलवे को खासकर मेडिकल जरूरत वाले यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।
कुदरत की मार से प्लेटफॉर्म पर रहना पड़ता है
बिहार की रहने वाली इंदु देवी शाह ने कहा, कोहरे की वजह से ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा है। परेशानी तो है, लेकिन पब्लिक की मजबूरी है,उन्हें प्लेटफॉर्म पर ही रहना पड़ता है। यह कुदरत की मार है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।*सात घंटे से ज्यादा ठंड में फंसा परिवार*मनिहारी के संजय कुमार ने बताया, मेरे पास दरभंगा की टिकट हैं, लेकिन ट्रेन नहीं पहुंची। रेलवे की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई। तीन घंटे से ज्यादा समय तक परिवार के साथ ठंड में प्लेटफॉर्म पर बिताना पड़ा।
कटिहार महत्वपूर्ण जंक्शन माना जाता है
कटिहार सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन माना जाता है। यहां से देश के सभी महानगर को जाने वाली ट्रेन का परिचालन होता है। कटिहार से अगरतला, कटिहार से गुवाहाटी, कटिहार से सिलीगुड़ी, कटिहार से कोलकाता, कटिहार से राधिकापुर, कटिहार से जोगबनी, कटिहार से मनिहारी, कटिहार से दरभंगा, कटिहार से समस्तीपुर, कटिहार से बरौनी, कटिहार से पटना, कटिहार से दानापुर, कटिहार से जमशेदपुर, कटिहार से नई दिल्ली, कटिहार से जयपुर,कटिहार से अधिकांश राज्य के नगर एवं महानगर तक ट्रेन का परिचालन होता है। कटिहार जंक्शन से प्रतिदिन डेढ़ सौ से 200 के बीच ट्रेन का आवाजाही होता है। इसलिए काफी व्यस्ततम रेलवे स्टेशन माना जाता है।
रेलवे की अपील
रेलवे के अनुसार, यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें। कोहरे के कारण फिलहाल परिचालन सामान्य होने में समय लग सकता है।
