September 7, 2026

टेलीकंस्लटेंसी महाअभियान के दौरान 145 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में मिला पूर्णिया को पहला स्थान

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सिविल सर्जन ई-टेलीमेडिसीन के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य के लिए दिया जाता है परामर्श: डीपीसी

प्रवीण कुमार (कटिहार)

स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित अतिमहत्वपूर्ण कार्यक्रम टेलीमेडिसिन के द्वारा सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कमजोर वर्ग के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बच्चे सहित ग्रामीण जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) पर बेहतर चिकित्सीय सलाह एवं उपचार के लिए टेली कंस्लटेंसी सेवा शुरू की गयी है। इसके माध्यम से जिले के 24 हब पर पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचओ, स्टाफ नर्स या एएनएम के द्वारा टेली कंसलटेंसी के माध्यम से चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने कहा कि विभागीय स्तर पर टेलीकंसलटेंसी का महाअभियान प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार एवं तृतीय बुधवार को वृहत पैमाने पर चलाया जाता है। जिसमें पूर्णिया जिला पूरे बिहार में जनवरी के तीसरे बुधवार को अपने लक्ष्य 2360 से अधिक 3433 टेली कंसल्टेंसी कर 145 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। टीबी, फाइलेरिया सहित कई अन्य प्रकार की बीमारियों का होता है उपचार: सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि ई-संजीवनी कार्यक्रम के अंतर्गत जनवरी माह के तीसरे बुधवार को सबसे अधिक टेलीकंसलटेंसी ओपीडी करने के लिए जिले को राज्य की रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। क्योंकि इतनी बड़ी उपलब्धि जिले के चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए गए मेहनत का नतीजा है। जिलाधिकारी के दिशा- निर्देश के आलोक में जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम और डीपीसी के द्वारा अनवरत पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के बदौलत राज्य में पूर्णिया जिला अव्वल स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही सभी हब्स और स्पोक्स पर प्रतिनियुक्ति चिकित्सा पदाधिकारी सहित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी इस उपलब्धि के लिए बधाई के पात्र है।ई-टेलीमेडिसीन के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य के लिए दिया जाता है परामर्श: डीपीसी जिला योजना समन्वयक डॉ सुधांशु शेखर ने कहा कि जिलाधिकारी, सिविल सर्जन और डीपीएम सर के दिशा निर्देश और मार्गदर्शन में ई-टेलीमेडिसीन कंस्लटेंसी के माध्यम से फाइलेरिया, टीबी, कालाजार, सामान्य स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य सहित कई अन्य बीमारियों से संबंधित उचित परामर्श के अलावा चिकित्सीय सेवाएं भी दी जाती हैं। रक्त शर्करा (शुगर), उच्च रक्तचाप, पैथोलॉजी, कोविड-19 एवं एनीमिया की जांच भी कराई जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों से ई-टेलीकंस्लटेंसी के माध्यम से परामर्श लेने के बाद दवा का वितरण बिल्कुल निःशुल्क भी किया जाता है।

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