जीविका कार्यालय बारसोई में आयुष्मान भारत एवं NCD पर समीक्षा सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न।
(मनोरंजन साहा|बारसोई)
आज जीविका कार्यालय, बारसोई में आयुष्मान भारत कार्ड एवं गैर संचारी रोग (NCD) विषयों पर HNS MRPs एवं CNRPs के कार्यशाला कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जीविका दीदियों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना रहा।इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कुल 35 HNS MRPs एवं CNRPs के साथ BPIU बारसोई की टीम ने भाग लिया। बैठक के दौरान आयुष्मान भारत कार्ड से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें पात्र परिवारों की पहचान, कार्ड निर्माण की प्रक्रिया एवं इसके माध्यम से मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष चर्चा की गई।कार्यक्रम में जीविका दीदियों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि जीविका दीदियाँ गांव और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी हैं, जो न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं बल्कि स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। NCD जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की समय पर पहचान और जागरूकता फैलाने में जीविका दीदियों की भूमिका को अत्यंत अहम बताया गया।इस अवसर पर प्रखंड परियोजना प्रबंधक (BPM) ने अपने संबोधन में कहा कि“जीविका दीदियाँ जमीनी स्तर पर बदलाव की असली वाहक हैं। यदि वे पूरी निष्ठा और समझ के साथ कार्य करें, तो आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। HNS MRPs एवं CNRPs को चाहिए कि वे जीविका दीदियों के साथ समन्वय बनाकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को और मजबूत करें।”बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा किए तथा आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। BPIU टीम द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई कि वे प्राप्त प्रशिक्षण एवं जानकारी को अपने क्षेत्र में लागू कर अधिक से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ेंगे।यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम जीविका दीदियों के सशक्तिकरण एवं समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
