July 20, 2026

कालाजार से बचाव के लिए किया जा रहा छिड़काव

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तनवीर आलम (हसनगजं)

हसनगंज प्रखंड में कालाजार उन्मूलन को लेकर दवाई की छिड़काव करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है। इस क्रम में प्रखंड के कालसर पंचायत के कालसर गांवों में कालाजार का छिड़काव किया जा रहा है। दवाई छिड़काव के कर्मी इंदानन्द पोद्दार बताया कि छिड़काव का कार्य प्रत्येक पंचायत वार किया जा रहा है। सभी गांवों में, उन्होंने ने बताया कि कालाजार की वाहक बालू मक्खी को खत्म करने तथा कालाजार के प्रसार को कम करने के लिए दवाई स्प्रे (आईआरएस) किया जाता है। यह छिड़काव घर के अंदर दीवारों पर छह फीट की ऊंचाई तक होता है। बचाव को लेकर गांव में कालाजार का छिड़काव किया जा रहा है। यह एक वायरस जनित रोग भी है। इस बीमारी का असर शरीर पर धीरे-धीरे पड़ता है। कालाजार बीमारी परजीवी बालू मक्खी के जरिये फैलती है। जो कम रोशनी वाली और नम जगहों जैसे कि मिट्टी की दीवारों की दरारों, चूहे के बिलों तथा नम मिट्टी में रहती है। बालू मक्खी यही संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलाती है। इस रोग से ग्रस्त मरीज खासकर व्यक्तियों हाथ पैर पेट और चेहरे का रंग भूरा हो जाता है इसी से इसका नाम कालाजार पड़ा है।कालाजार के लक्षण:- प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि रुक रुक कर बुखार आना, भूख कम लगना, शरीर में पीलापन और वजन घटना, ह्रदय एवं लीवर का आकार बढ़ना, त्वचा सूखी पतली होना और बाल झड़ना कालाजार के मुख्य लक्षण है। इससे पीड़ित होने पर मरीज के शरीर में तेजी से खून की कमी होने लगती है और पेट फूल फूलने लगता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कोई भी लक्षण हाेने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

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