प्राथमिक विद्यालय जानकी नगर के छात्र-छात्राएं बीच ठंड में स्कूल ड्रेस में विद्यालय आते हैं
छात्र-छात्राएं अनुशासित ढंग से रहकर पठन-पाठन में हिस्सा ले रहे हैं- लीला नंद रमण
प्रवीण कुमार(कटिहार)
आजमनगर प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय जानकी नगर के छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं ठंड के मौसम में स्कूल ड्रेस में विद्यालय नियमित आ रहे हैं। सुबह-सुबह घना कोहरा के बीच छोटे-छोटे बच्चे घर से स्कूल बैग लेकर ग्रामीण सड़क से पैदल गुजरते हुए दौड़ते दौड़ते स्कूल पहुंचते हैं।इससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे और बच्चियों में पठन-पाठन करने की कितना जुनून है। एक समय था कि बच्चें विद्यालय जाने से कतराते थे। आज यह समय है कि भीषण ठंड में भी छोटे-छोटे बच्चे स्कूल बैग के साथ स्कूल ड्रेस में विद्यालय पहुंच रहे हैं। विद्यालय के नियम कानून को अक्षर से पालन कर रहे हैं। विद्यालय अवधि में अनुशासित ढंग से रहकर पठन-पाठन में हिस्सा ले रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय जानकी नगर के प्रधानाध्यापक लीला नंद रमण ने बताया कि विद्यालय में 184 छात्र का नामांकन विद्यालय पंजी में दर्ज है।वर्ग एक में 20, वर्ग 2 में 33, वर्ग 3 में 43, वर्ग 4 में 40, वर्ग 5 में 49 छात्र- छात्राएं का नामांकन है। विद्यालय के दो मंजिली के चार कमरे हैं।रसोई घर है।विद्यालय में बच्चों के लिए मोटर पंप,पानी टंकी लगाकर नाल युक्त पेयजल की व्यवस्था है।विद्यालय में बिजली कनेक्शन है। अधिकांश कमरे में लाइट एवं पंखा की व्यवस्था है। समय-समय पर विद्यालय भवन का रंग-रंगों करने का कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री पोषण योजना गुणवत्तापूर्ण भोजन मीनू के अनुसार बच्चों को नियमित रूप से दिया जाता है। विद्यालय के सभी वर्ग में बोर्ड का कालीकरण किया गया। प्रधानाध्यापक लीला नंद रमण ने बताया कि विद्यालय में 13 डिसमिल जमीन पर आठ कमरे का कैमरा है। विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए दो शौचालय हैं। पेयजल के लिए एक चापाकल की व्यवस्था है। विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका मीरा कुमारी,मो0 फहीम आलम,शाहनाज बेगम हेमलता कुमारी के द्वारा छात्र- छात्राओं को नियमित रूप से पठन-पाठन करती हैं। सभी शिक्षक शिक्षिकाएं समय पर विद्यालय आते हैं और समय पर घर जाते हैं। सभी शिक्षक शिक्षिका पठन-पाठन के साथ-साथ विद्यालय के विकास की मुद्दे पर प्रधानाध्यापक को सहयोग करते हैं। प्रधानाध्यापक लीला नंद रमण बताते हैं कि अगर विद्यालय परिसर में मिटटी भराई के साथ-साथ ईट सोलिंग हो जाता, तो बच्चों को काफी सुविधा होती। विद्यालय में खेलकूद के लिए रेलिंग बन जाता तो विद्यालय के छात्र-छात्राओं नियमित रूप से व्यायाम भी कर सकती हैं। विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए बेंच डैक्स की व्यवस्था हो जाती,तो ठंड के मौसम में जमीन पर बैठ से छुटकारा मिल जाता और बेंच डैक्स पर बैठकर पठन-पाठन करते।
