April 19, 2026

मणिपुर भूस्खलन हादसे का शिकार राइफलमैन शुभम कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा पहुंचा बारसोई , राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन , जिले में शोक की लहर ।

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मणिपुर में सेना के 107 गोरखा बटालियन में कार्यरत जिले के बारसोई नगर पंचायत निवासी सेना के रिटायर्ड जवान स्वर्गीय जय कुमार उर्फ लालजी के पुत्र शुभम कुमार सिंह उर्फ सन्नी का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ सोमवार को बारसोई पहुंचा ।

पार्थिव शरीर के पहुंचते ही हजारों की संख्या में हर वर्ग उम्र के लोग शहीद के अंतिम यात्रा में शामिल हुए तथा उन्हें श्रद्धांजलि देकर शहीद के आत्मा शांती की प्रार्थना की। ज्ञात हो कि शहीद शुभम की मृत्यु पिछले महीने 29 जून की आधी रात को मणिपुर में हुए भूस्खलन में चट्टान के नीचे दब जाने कारण हो गई थी। शनिवार को रेस्क्यू टीम के द्वारा जब मलवा हटाया गया तो 107 गोरखा बटालियन में कार्यरत शुभम कुमार की लाश मिली। 25 वर्षीय शुभम की मौत की खबर जैसे ही उनके घरवालों को मिला तो परिवार एवं परिजनों में दुःख का पहाड़ टुट पड़ा। पूरे गांव में दोस्तों में हाहाकार मच गया। क्योंकि 20 दिन पूर्व ही वो अपने पेतृक आवास से ड्यूटी पोस्ट पर लौटे थे।

नपं क्षेत्र के हजारो लोगों ने शहीद शुभम की एक झलक पाने के लिए इस उमस भरी गर्मी में घंटों खड़े रहे। इस दौरान कटिहार सांसद दुलाल चंद्र गोस्वामी, कटिहार विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, नपं मुख्य पार्षद प्रतिनिधि रिंकू सिंह

प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि मो जिन्ना, पिंटू यादव, वरूण झा, मो० मुजा , जदयू नेताओं में अमल गोस्वामी, मनोज साह, संजय साह, मिलन दुबे, मामून रशिद, प्रमोद साह, वार्ड पार्षद दिपक चन्द्र दास, अनिल कुमार, लोजपा नेत्री संगीता देवी,

शिक्षक नेता मिन्हाज आलम, सरफराज अहमद, मिठ्ठू साह सहित सैकड़ों स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविद्, और नगर वासियों ने शुभम् के पार्थिव शरीर को पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी । तथा नम आंखों से शाहिद पार्थिव शरीर को नपं के प्रमुख सड़कों पर आख़री दर्शन के यात्रा में शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान विधि व्यवस्था शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी राजेश्वरी पांडेय, एसडीपीओ प्रेमनाथ राम के नेतृत्व में प्रशासन ने चाक चौबंद इंतजाम किया था।

शुभम् कुमार की सामान्य जीवनशैली:- शुभम् ने हाई स्कूल बारसोई से 2013 में मैट्रिक पास किया था। 2015 में आरडीएस कॉलेज सलमारी से इंटर पास किया था। नौकरी के दौरान उनकी पोस्टिंग श्रीनगर , दार्जीलिंग, लखनऊ, असम में थी । आखिरी पोस्टिंग मणिपुर में हुई जहां वो हादसे का शिकार हो गए ।

बारसोई के मौलानापुर श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद शुभम का अंतिम संस्कार किया गया । इस दौरान सेना ने 21 राउंड गोलियां चलाकर शहिद जवान को सलामी दी। इसके पश्चात् मृतक के भाई मनीष कुमार ने मुखाग्नि देकर शहीद शुभम को अंतिम यात्रा में बिदाई दी।

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