कटिहार कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत महाधरना नये प्रस्तावित कानून को बताया मजदूरों पर सीधा हमला
कटिहार में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन डीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रवीण कुमार(कटिहार)
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध में कटिहार जिला कांग्रेस कमेटी ने समाहरणालय के समक्ष “मनरेगा बचाओ कार्यक्रम” के तहत जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग की।धरना स्थल पर मौजूद कटिहार के कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश के गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है। यह योजना सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित नए कानून में कई ऐसी खामियां हैं जो सीधे तौर पर मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। सांसद ने मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने के प्रस्ताव की भी आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की भावना और परंपरा के विपरीत कदम है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की पहचान महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण स्वावलंबन की अवधारणा से जुड़ी है, ऐसे में नाम हटाने की कोशिश अस्वीकार्य है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत राज्यों पर आर्थिक हिस्सेदारी का बोझ बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक किए जाने की बात सामने आ रही है। उनका कहना था कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर राज्य समय पर अपनी हिस्सेदारी की राशि उपलब्ध नहीं करा पाएंगे, जिसका सीधा असर मजदूरों के रोजगार और भुगतान पर पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काम की उपलब्धता घट सकती है और गरीब मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पाएगी।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम, महिला कांग्रेस अध्यक्ष आम्रपाली यादव, किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप विश्वास तथा प्रभारी अमन कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोरोना काल समेत विभिन्न आपदा की परिस्थितियों में इस योजना ने लाखों परिवारों को सहारा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मनरेगा की मूल भावना और संरचना को बरकरार रखा जाए,मजदूर विरोधी माने जा रहे प्रस्तावित बदलावों को तुरंत वापस लिया जाए तथा योजना को और अधिक सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। मौके पर सत्यनारायण प्रसाद पूर्व विधायक,सुनीता देवी पूर्व विधायक संजय कुमार सिंह,संजय सिंह,अरुण यादव, बी के ठाकुर, पंकज तमाखुवाला प्रवक्ता, बिमल सिंह बेगानी, शाहनवाज खान, प्रमोद ठाकुर, पुतुल सिंह नगर अध्यक्ष, राज आनंद सिंह, बेदानंद त्रिवेदी, सऊद मुखिया, सिमरनजीत सिंह, आले रसूल, ऐनुल अंसारी, मन्नी पासवान, मो इश्तियाक, मो मुश्ताक, मो वहाब, प्रदीप पासवान, संतोष यादव, प्रीतम चक्रवर्ती, मो बशीर, सूरज विश्वास, मतलूब हुसैन, मो अख्तर, मो मन्नान, मो सिकन्दर आज़म, गोपाल सिंह, योगेंद्र यादव,अरबिंद पासवान, सुबोल यादव, निरंजन मंडल, मो० असलम, मो० जुम्मन सहित सैकड़ों कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
