June 21, 2026

विमला देवी प्राथमिक विद्यालय उत्तर टोला भर्री छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में विद्यालय आते हैं

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विद्यालय में योग्य शिक्षिकाओं के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिया जाता है।

विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पूरी निष्ठा के साथ करती हूं : रीतू रानी।

प्रवीण कुमार(कदवा)

कदवा प्रखंड अंतर्गत के भर्री पंचायत के विमला देवी प्राथमिक विद्यालय उत्तर टोला भर्री छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। छात्र छात्राएँ अनुशासित ढंग में रहकर पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में योग्य शिक्षिकाओं के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन में रुचि बढ़ती जा रही हैं। प्रधानाध्यापिका के द्वारा विद्यालय का गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन पर विशेष ध्यान रहते हैं। प्रधानाध्यापिका रीतू रानी कहते हैं कि विद्यालय में कम से कम दो शिक्षक की आवश्यकता है। विद्यालय में मात्र तीन कमरा है,जबकि वर्ग 1 से 5 तक की पठन-पाठन करने के लिए काफी कम कमरा है।कम से कम दो कमरे की और आवश्यकता है। विद्यालय में एकमात्र शौचालय है।जिसके कारण छात्रों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। और कम से कम एक और शौचालय की आवश्यकता है। छात्र-छात्राओं के लिए पेयजल के लिए मात्र एक चापाकल है।लेकिन शुद्ध पेयजल हेतु आर.ई.ओ.तथा फ्रीजर की व्यवस्था हो जाती तो छात्र-छात्राओं को काफी सुविधा मिलता। प्रधानाध्यापिका रीतू रानी विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ अच्छा संबंध रखते हुए विद्यालय की विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया करती हैं। विमला देवी प्राथमिक विद्यालय उत्तर टोला भर्री में वर्ग एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। प्रधानाध्यापिका कुशल व्यवहार के साथ साथ कुशल प्रशासक भी हैं। विद्यालय में वर्तमान में नामांकित 83 छात्र-छात्राएँ अध्यनरत है। सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते हैं और विद्यालय में समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि लेते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापिका से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। इस विद्यालय में सभी शिक्षक- शिक्षिका विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापिका को काफी सहयोग कर रही हैं। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। प्रधानाध्यापिका रीतू रानी ने बताया कि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। विद्यालय में सभी शिक्षक समय पर उपस्थित होकर विद्यालय में पठन पाठन का कार्य करते है। विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका रेणु कुमारी एवं सीमा राय,शिक्षा सेवक कुबेर राय पठन-पाठन का कार्य में करते हैं। विधालय कार्यालय में प्रधानाध्यापिका ने शिक्षिकाओं का संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी का अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका ने किया।विद्यालय के गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापिका रीतू रानी ने कहा कि समय बदल चुका है। समय के अनुसार विद्यालय आना है और समय के अनुसार सभी वर्ग में नियमित रूप से पठन-पाठन का कार्य सुनिश्चित करें।शिक्षकों का सबसे पहला कर्तव्य होता है कि छात्र-छात्राओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें खेल-खेल में अनुशासन के साथ-साथ पठन-पाठन करने में ईमानदारी पूर्वक अभिरुचि रखें। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापिका रीतू रानी ने कहा कि विधालय के वर्ग 1 में 17,वर्ग 2 में 8, वर्ग 3 में 27,वर्ग 4 में 10, वर्ग 5 में 21,टोटल 83 छात्र-छात्राओं का नामांकन विद्यालय में है। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि सभी छात्र – छात्राओं को पाठ्य पुस्तक वितरण कर दिया गया है। वर्ग 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं के बीच बैग,पीने का पानी का बोतल एवं एफएलएन कीट का वितरण भी किया गया। विद्यालय में हर वर्ग कक्ष का ब्लैक बोर्ड का काली करण किया गया है। प्रधानाध्यापिका के द्वारा साफ सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं। शौचालय की नियमित रुप से साफ-सफायी किया जा रहा है।बच्चों को टीएलएम कीट के द्वारा शिक्षा दिया जाता है। आनंददायी कक्षा बनाया गया है। छात्र-छात्राओं को प्रति कार्य दिवस में मीनू के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण योजना का लाभ दिया जाता है। चेतना सत्र में कैलेंडर के अनुसार तरह तरह के खतरे जैसे सड़क दुघर्टना, भूकंप,आपदा, बीमारी, ठंड से बचाव,लूं से बचाव आदि गति विधि कर बताया जाता है। प्रधानाध्यापिका रीतू रानी ने बताया कि विद्यालय का सर्वांगीण विकास करने में दिन-रात जुटी रहती हूं। जिसका परिणाम अल्प अवधि में विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के दिशा में कार्य किया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। विद्यालय के छात्राओं को शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में विद्यालय आने के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया गया। परिणाम हुआ कि विद्यालय के छात्राएं अनुशासित ढंग से पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय के शत प्रतिशत बच्चे ड्रेस में आते हैं। प्रधानाध्यापिका रीतू रानी कहती हैं कि अगर विद्यालय में चाहार दिवारी का निर्माण हो जाय तो छात्र छात्राएं सुरक्षित महसूस करेंगी। विधालय में एक और शौचालय का निर्माण हो जाय तो छात्रों को काफी सुविधा होगी। विधालय में विधुत कनेक्शन हो जाता तो अच्छा होता। विधालय में और बेंच डेक्स की व्यवस्था हो जाता तो छात्रों को काफी सुविधा होता।

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