June 19, 2026

समाज सेवा करते-करते नूर मोहम्मद सिकोरना पंचायत के मुखिया बने-नूर मोहम्मद की पत्नी नूर फूल खातून लगातार दो बार मुखिया पद पर आसीन रही-पंचायत में पक्की सड़क का जाल बिछा दिया : नुर मोहम्मद

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प्रवीण कुमार, कदवा (कटिहार)

कदवा प्रखंड के सिकोरना पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर आठ के सिकोरना नुरटोला निवासी नूर मोहम्मद ने समाज सेवा करते-करते मुखिया बन गये। नूर मोहम्मद की पत्नी नूर फूल खातून लगातार दो बार सिकोरना पंचायत की मुखिया बनी रही। वर्तमान में नूर मोहम्मद मुखिया पद पर आसीन है। पति-पत्नी ने मिलकर सिकोरना पंचायत का सर्वांगीण विकास कर रहे हैं। नूर मोहम्मद का जन्म 1954 को हुआ। इनके पिता शेख जयनल किसान थे। माता आसमा खातून कुशल गृहणी थी। नुर मोहम्मद का प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा प्राथमिक विद्यालय सिकोरना में हुआ तथा बूबना मध्य विद्यालय सोनौली में भी पठन-पाठन किये। नूर मोहम्मद की शादी 1969 को मुस्लिम रीति रिवाज के साथ नुरफुल खातून से हुई। इन्हें सात लड़का तथा एक लड़की है। लड़का मोहम्मद तजमुल,मोहम्मद इकरामुल हक,मोहम्मद इलियास,मोहम्मद इनामुल हक,अली राजा,उस्मान गनी,मोहम्मद अंसार आलम तथा लड़की फरजाना परवीण है। नूर मोहम्मद 1985 से अपने पिता के साथ रहकर समाज सेवा करने में जुट गये थे।इनके पिता शेख जयनल किसान होने के साथ-साथ समाज के प्रधान के रूप में जाने जाते थे। क्षेत्र में पंचायती करना और पंचायती में निष्पक्ष निर्णय करने में उनके पिताजी का क्षेत्र में बड़ा विश्वास बना हुआ था। इसी नक्शे कदम पर चलते हुए नूर मोहम्मद ने भी पिता के निधन के बाद क्षेत्र मे प्रधान के रूप में लोगों को न्याय दिलाने के लिए दिन रात लोगों की सेवा करने लगे। क्षेत्र के प्रधान होने के नाते नियमित रूप से पंचायती करना और पंचायती में निष्पक्ष निर्णय सुनाते हुए लोगों को न्याय दिलाते हुए आ रहे हैं। जिसको लेकर इसकी पहचान के साथ-साथ ख्याति बढ़ती चली गई।लोगों का विश्वास उनके प्रति काफी बढ़ गया। आसपास के 15- 20 किलोमीटर की दूरी में भी कोई अगर पंचायती होता है, तो इन्हें जरूर सह सम्मान पूर्वक बुलाया जाता है। इसलिए आसपास के क्षेत्र में भी इनका साख काफी बढा हुआ है। इन्होंने 2001 में सिकोरना पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़े लेकिन उपविजेता रहे। 2006 में सिकोरना पंचायत महिला के लिए आरक्षित घोषित होने पर इन्होंने अपनी पत्नी नूरफूल खातून को मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ाया और भारी मतों से विजय प्राप्त किया। 5 वर्षों तक पति-पत्नी ने मिलकर पंचायत क्षेत्र का सर्वांगीण विकास किया। परिणाम स्वरूप 2011 में पुनः उनकी पत्नी नूरफूल खातून दोबारा भारी मतों से मुखिया निर्वाचित हुई। मुखिया के कार्यकाल में पंचायत के लोगों को मान सम्मान के साथ-साथ सुरक्षा एवं विकास कार्य किये। 2016 में मुखिया पद के लिए उपविजेता रहे उपविजेता होने के बावजूद भी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए दिन रात लगे रहे। परिणाम स्वरुप 2021 के चुनाव में 927 वोटों से पुनः नूर मोहम्मद मुखिया निर्वाचित हुये।वर्तमान में मुखिया पद पर आसीन हैं। मुखिया नूर मोहम्मद ने एक भेंट में बताया कि मैं अपने कार्यकाल के दौरन क्षेत्र में पक्की सड़क का जाल बिछा दिया है। 8 स्थान पर कलभट्ट का निर्माण किया है। 8 वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया गया है। 16 शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने का कार्य किये हैं। मुखिया नूर मोहम्मद कहते हैं कि प्रत्येक वर्ष के रमजान महीने में व्यक्तिगत कोष से पंचायत के गरीब महिला पुरुषों के बीच कपड़ा वितरण करते हैं। समाज के हर वर्गों के साथ समान विचार रखते हैं। सभी के सुख-दुख में खड़े रहते हैं। किसी तरह का भी त्यौहार हो, अपनी हिस्सेदारी हम निभाते आ रहे हैं।और आगे भी निभाते रहेंगे। मुखिया नूर मोहम्मद ने कहा कि सिकोरना पंचायत के कल्याणी नदी के किनारे प्रत्येक वर्ष माघी पूर्णिमा में भव्य आयोजन के साथ-साथ मेला का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन को सफल बनाने में मैं स्वयं दिन रात लगे रहता हूं। और प्रत्येक वर्ष की भांति हर वर्ष बड़े ही धूमधाम एवं स्वच्छ वातावरण में कल्याणी महोत्सव का आयोजन किया जाता है।दुर-दूर से बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं।

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