कटाव से बचाव को लेकर मुख्य अभियंता ने किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
गंगा और कोसी नदी के कटाव से क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने बुधवार को कटिहार जिले के मुख्य अभियंता (बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सारण) अनवर जमील अपने पूरे तकनीकी दल के साथ कुर्सेला प्रखंड के खेरिया गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खेरिया, तीनघरिया, पत्थर टोला, मधेली और कमलाकान्ही गांव के कटाव स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वही काफी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। वही जानकारी अनुसार संबंधित पदाधिकारी द्वारा कि 2026 में संभावित बाढ़ से पहले ही नदी कटाव रोकने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि गंगा और कोसी दोनों नदियों के जलस्तर और प्रवाह की दिशा को देखते हुए सुरक्षा तटबंध और कटाव निरोधी कार्य जल्द प्रारंभ किए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को हर साल बाढ़ और कटाव की त्रासदी से राहत मिल सके।निरीक्षण के दौरान उनके साथ सहायक अभियंता अमित कुमार, कार्यपालक अभियंता सुषांत शेखर सहित बाढ़ नियंत्रण विभाग के अन्य अभियंता और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद थे। टीम ने कटाव से प्रभावित स्थलों का स्थलीय सर्वे किया और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली।गौरतलब है कि इस वर्ष 2025 में तीनघरिया, खेरिया और पत्थर टोला गांवों में गंगा और कोसी के कटाव से सेको एकड़ किसने की जमीन गंगा के काल में समा चुका है और अब घर काटने के कगार पर आ चुका है। ग्रामीणों ने कटाव निरोधी कार्य की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में ये गांव पूरी तरह गंगा में समा सकते हैं। वही लगातार पदाधिकारी के निरीक्षण से उम्मीद जगी है। वहीं तत्काल कटाव रोकने के लिए जिस क्षरण रुके जिसको लेकर कुछ दिन पूर्व में अंचल पदाधिकारी अनुपम और संबंधित विभाग के पदाधिकारी के मौजूदगी में बंबोर कार्य भी चलाया गया है।
