आशा सुमन अपने समर्थकों के साथ घूम-घूम कर मांग रही है वोट
आशा सुमन को मिल रहा है समर्थन।
प्रवीण कुमार, कदवा (कटिहार)
कदवा विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र प्रत्याशी आशा सुमन अपने समर्थकों के साथ गांव गांव घूम- घूम कर प्रचार करती रही। कदवा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता आशा सुमन से मिलकर काफी प्रभावित है। अधिक से अधिक संख्या में महिला- पुरुष ने इन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। आशा सुमन के प्रति कदवा क्षेत्र में हर वर्ग के लोगों का रुझान बढ़ते जा रहा है।स्वतंत्र प्रत्याशी आशा सुमन बेहद जुझारू,ईमानदार,लग्नशील,काम के प्रति सजग एवं सचेष्ट रहती है। जनता को भगवान समझती है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रारंभ से ही बढ़-चढ़कर लड़ाई लड़ रही है। जिसके कारण इनकी पहचान अल्प अवधि में काफी बढ़ गया है। इनकी हर समुदाय के हर वर्ग में अच्छी पेठ है।आशा सुमन वर्तमान में जिला परिषद सदस्य है। आशा सुमन का जन्म 21 सितंबर 1986 को हुआ है। इनके पिता सुखदेव मंडल पेशे से अधिवक्ता रहे हैं। इनकी शादी 30 नवंबर 2008 को रानी कोला निवासी सदन प्रसाद मंडल के पुत्र शंभू कुमार मंडल से हिंदू रीति रिवाज के साथ हुआ है। ये 2014 में स्नातक की डिग्री प्राप्त किया है। 2008 में इन्होंने जदयू की सदस्यता ग्रहण किया है। 2014 से 2021 तक जदयू महिला प्रकोष्ठ कदवा प्रखंड की अध्यक्ष रही है। 2022 से 2025 तक महिला प्रकोष्ठ की जदयू की कटिहार जिला अध्यक्ष पद पर रही है। 16 5.2025 को महिला जदयू प्रदेश महासचिव बनी। 2022 में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव क्षेत्र संख्या 17 से जिला पार्षद निर्वाचित हुई है। इन्होंने कदवा विधानसभा क्षेत्र से जदयू पार्टी में अपनी उम्मीदवारी पेश किया गया था, लेकिन इन्हें टिकट नहीं मिलने के कारण आम लोगों के सहमति से इन्होंने स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में नाम जदी का पर्चा दाखिल कर चुनाव प्रचार में दिन रात लग गई है। उनके समर्थन में महिलाओं के साथ-साथ हर वर्ग के लोग काफी जोश के साथ चुनाव प्रचार कर रही हैं। ऐसी स्थिति में इनकी पहचान और भी काफी मजबूती से उभर रहा है। महिला स्वतंत्र उम्मीदवार आशा सुमन कहती है कि मैं कदवा की बेटी- बहू हूं और बेटी- बहू की तरह आम लोगों की सेवा करती रहूंगी। आशा सुमन डोर टू डोर जनसंपर्क अभियान कर आम लोगों से आशीर्वाद मांग रही है। लोग इन्हें आशीर्वाद भी दिल से दे रहे हैं।
