June 24, 2026

लोक अदालत द्वारा रकम निश्चित करने के बावजूद बैंक ने अतिरिक्त वसूली का भेजा नोटिस ।

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रतन कुमार ओझा (मनिहारी)

ऋण के मामले को लेकर लोक अदालत द्वारा निर्णय किए गए रकम के बावजूद बैंक ने नोटिस भेजा। मामला नवाबगंज के वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक का है। पीड़िता सरस्वती देवी पति निरंजन साह ने बताया कि मैं और मेरे पति निरंजन साह ने यूनाइटेड बैंक जो वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक शाखा नवाबगंज है, 2004 में हाउसिंग लोन ली थी जिसे भिन्न-भिन्न किस्तों को देने के बाद और शाखा द्वारा जप्त एलआईसी के परिपक्व रकम क्रेडिट करने के बावजूद अतिरिक्त रकम के रूप में नोटिस भेज दिया। पीड़िता ने बताया कि मेरी स्थिति काफी दयनीय है। पति बीमार रहते हैं। बावजूद अदालत के निर्णय के बाद 50000 और ₹173400 भी दिए परंतु जब बैंक में कुल बकाया 56604रू रहा और 362630रू का नोटिस भेज दिया गया। जबकि इसके पहले कई रकम दे चुकी हूं। पिड़िता ने कहा कि यदि मुझे न्याय नहीं मिला तो लाचार होकर मुझे अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ेगी। पीड़िता ने शाखा प्रबंधक रवी चौहान पर अनैतिक दबाव देने का आरोप लगाया।

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