एनएच-31 और एसएच-77 के किनारे अतिक्रमण पर गरजा बुलडोजर
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
कुर्सेला में राहगीरों को सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला पदाधिकारी के निर्देश पर कुरसेला नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान एनएच-31 और एसएच-77 के किनारे तीन वर्ष से जमे स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण पर प्रशासनिक बुलडोजर गरजता नजर आया, जिससे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।अभियान के पहले चरण में एनएच-31 पर शहीद चौक से लेकर लालू द्वार तक तथा मजदिया रोड के हाट-बाजार क्षेत्र में सड़क किनारे बनी स्थायी व अस्थायी दुकानों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके बाद स्टेट हाईवे-77 के दोनों किनारों पर अतिक्रमित भूमि से दुकानदारों का जेसीबी मशीन से कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी अलोक चंद चौधरी, के नेतृत्व में प्रतिनियुक्त पधाधिकारी बीडीओ कुमारी प्रियंमवदा, अंचलाधिकारी अनुपम कुमारी, थानाध्यक्ष राजेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी रूपा कुमारी,सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। शहीद चौक समेत एनएच-31 के दोनों किनारों पर सर्विस रोड, स्टेशन जाने वाली सड़क और एसएच-77 के किनारे अवैध रूप से रखी गुमटियों व निर्माण कार्यों को हटाया गया। वही अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ रुकावट देखीं गयी लेकिन प्रशासन के सख्त रुख के आगे अतिक्रमणकारियों की एक नहीं चली। हीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इस दौरान थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने स्वयं माइक से अनाउंसमेंट कर दुकानदारों को चेतावनी दी कि स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अतिक्रमणकारियों पर बुलडोजर चलाकर करवाई की गयी। उल्लेखनीय है कि एनएच और एसएच पर अतिक्रमण की समस्या को लेकर लगातार दार्जिलिंग एक्सप्रेस अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की। हालांकि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एनएच-31 और एसएच-77 पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। वहीं पदाधिकारीयों ने स्पष्ट किया कि कुरसेला एनएच 31 सड़क पर लगातार लग रहे जाम की समस्या विकराल के कारण लोगों तथा राहगीरों को काफी परेशानी करना पड़ता था। जिसको लेकर जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अतिक्रमण मुक्त कराया गया।बताया गया कि अगर अतिक्रमणकार्यों के फिर से अतिक्रमण करने परअतिक्रमणकारियों पर करवाई की जाएगी।
