बरारी के कई पंचायतों में राशन डीलरों की मनमानी चरम पर पांच किलो की जगह चार किलो अनाज देकर करते हैं उपभोक्ताओं का शोषण, ग्रामीणों ने मंत्री और डीएम से कार्रवाई की मांग ।
बरारी (सुमन सोनी)
बरारी प्रखंड अन्तर्गत इन दिनों एक दर्जन से भी अधिक पंचायतो में जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों के द्वारा मनमानी चरम सीमा पार कर गई है। उपभोक्ताओं के द्वारा गरीबों को अनाज कम देने का लगातार दौड़ सुरु है। बरारी प्रखंड के, बैशागोविन्दपुर, दुर्गापुर ,बकिया, सुखाय, गुरुमैला, वरेटा, सिक्कट, शिशिया,पश्चिमी बारीनगर, सुखासन ,सकरैली, कान्तनगर और जगदीशपुर पंचायतों में जन वितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। इन पंचायतों में राशन कार्ड धारकों को सरकार द्वारा तय की गई मानक से अनाज कम दिया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रति लाभुक मिलने वाले पाँच किलो की जगह केवल चार किलो चावल या गेहूँ ही दिया जाता है।राशन कार्ड घारी उपभोक्ता अनिसूर रहमान उमेश यादव , राहूल विन्द ,राजेन्द्र मंडल, जनार्दन मंडल, रमेश शर्मा, मो० उस्मान, मो० जहांगीर, मो० आलमगीर, मो० ताहिर, बौकू रिषी, रामू रिषी, मोस्मात उर्मीला देवी और मोस्मात प्रेम लता देवी ने बताया कि जब कम अनाज देने का विरोध किया जाता है तो डीलर डांट-फटकार कर भगा देते हैं। उपभोक्ताओं के मुताबिक डीलरों का रवैया इतना कठोर हो गया है कि वे खुलेआम कहते हैं—जहाँ जाना है जाओ, मेरा कुछ बिगड़ने वाला नहीं है।लाभुकों ने राज्य के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह और कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी से गोपनीय तरीके से टीम गठित कर बरारी प्रखंड के सभी डीलरों की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सख्त कार्रवाई होने से ही गरीब उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा निर्धारित पूरी मात्रा में चावल-गेहूँ मिल पाएगा।इस संबंध में बरारी प्रखंड के आपूर्ति पदाधिकारी आदर्श कुमार अमन ने बताया कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द सख्त कदम उठाकर डीलरों की मनमानी पर रोक लगेगी।
