अवैध रूप से फल फूल रहा है बच्चा अस्पताल इलाज के नाम पर लोगों का होता है आर्थिक शोषण।
श्रवण शर्मा (कोढ़ा)
कोढ़ा प्रखंड के गेड़ाबाड़ी में सरकारी मानकों को ताक पर रखकर अवैध रूप से चल रहे हैं कई अस्पताल और जांच घर इलाज के नाम पर लोगों का आर्थिक शोषण कर रही है । इलाज के दौरान लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। गेड़ाबाड़ी बाजार के जुरावगंज स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के किनारे अवैध रूप से बच्चा अस्पताल चल रहा है जहां सरकारी मानकों को बगैर अपनाए नवजात शिशु का इलाज किया जा रहा है। बच्चा अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पा इमरान ने कहा कि इस अस्पताल का मैं संचालन करती हूं दो हजार से लेकर 10 हजार तक का इलाज होता है जिस तरह का रोगी होता है उसका उस हिसाब से उपचार की राशि ली जाती है उन्होंने बताया कि राकेश कुमार कुशवाहा बच्चा अस्पताल का डॉक्टर है उसे बुलाने पर आते हैं उनकी गैर उपस्थिति में मेरे द्वारा ही इलाज किया जाता है अस्पताल के आगे लगे बोर्ड में डॉक्टर का नंबर नाम और डिग्री के साथ लिखा मोबाइल नंबर कोई भी डॉक्टर का नहीं है सभी तीन नंबर अस्पताल संचालक और सहायक डाक्टर का है। बताया जा रहा है कि डॉ राकेश कुमार कुशवाहा का नाम और डिग्री का इस्तेमाल कर लेटर पैड पर अवैध रूप से बच्चा अस्पताल का संचालन किया जा रहा है जो जांच का विषय बना हुआ है इधर कटिहार के एसीएमओ कनक रंजन के द्वारा बताया गया कि अस्पताल खोलने के लिए कई मानक को पूरा करना पड़ता है। जिसके तहत बच्चा रोग का स्पेशलिस्ट डॉक्टर के अलावे सहायक डॉक्टर आपातकालीन सेवा के लिए एंबुलेंस स्टेरलाइजेशन की व्यवस्था के साथ-साथ ऑक्सीजन एवं पारा मेडिकल से ट्रेन डॉक्टर अनिवार्य रूप से हॉस्पिटल चलाने के लिए आवश्यक है उसके अलावा गंदगी फेंकने की जगह के साथ-साथ हॉस्पिटल के लिए पर्याप्त मात्रा में जगह की जरूरत पड़ती है फिर सिविल सर्जन कार्यालय में हॉस्पिटल का पंजीयन कराना अनिवार्य है इन सभी मानको को बगैर अपनाएं धड़ल्ले से गेड़ाबाडी में अवैध अस्पताल और जांच घर चल रहा है जो जांच का विषय बना हुआ है इधर पूर्व पंचायत समिति सदस्य संतोष मेहता ने सिविल सर्जन से अवैध बच्चा अस्पताल जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
