परीक्षा हॉल में तैनात वीक्षक और गेट चेकिंग स्टाफ पर तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जाँच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए – रवि सिंह
कोमल गुप्ता (कटिहार)
पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत जी.एल.एम. कॉलेज, बनमनखी परीक्षा केंद्र पर आयोजित स्नातक सेमेस्टर-4 की परीक्षा (द्वितीय पाली) के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा हॉल के अंदर से एक परीक्षार्थी द्वारा मोबाइल से रील (Reels) बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संबंधित छात्र को 2 वर्षों के लिए परीक्षा से निष्कासित/निलंबित कर दिया गया है।इस मौके पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता रवि सिंह का कहना है कि नियम उल्लंघन पर छात्र के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई अपनी जगह सही हो सकती है, लेकिन इस पूरी घटना में केवल छात्र को दंडित कर कॉलेज प्रशासन, वीक्षकों एवं गेट चेकिंग स्टाफ को पूरी तरह से बरी कर देना सरासर एकतरफा और अन्यायपूर्ण है। प्रवेश द्वार पर चेकिंग में घोर लापरवाही: परीक्षा हॉल के अंदर तक मोबाइल पहुँचना यह स्पष्ट करता है कि प्रवेश द्वार पर तैनात फ्रिस्किंग स्टाफ और सुरक्षा गार्ड्स ने अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई।वीक्षक (Invigilator) की अनुपस्थिति या ढील: परीक्षा हॉल के अंदर इंटरनेट ऑन करके रील रिकॉर्ड करना और उसे अपलोड करना कोई 5 सेकंड का काम नहीं है। इतने समय तक हॉल में तैनात वीक्षक का ध्यान न जाना या उनकी अनुपस्थिति, ड्यूटी में घोर लापरवाही को दर्शाती है परीक्षा की शुचिता बनाए रखने की अंतिम जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक (Center Superintendent) और वीक्षकों की होती है। तो फिर केवल छात्र पर ही गाज क्यों गिरी? उस वक्त ड्यूटी पर तैनात वीक्षक और चेकिंग स्टाफ से अब तक स्पष्टीकरण (Show-Cause) क्यों नहीं माँगा गया। माननीय कुलपति महोदय से निवेदन है जी.एल.एम. कॉलेज, बनमनखी के उस परीक्षा हॉल में तैनात वीक्षक और गेट चेकिंग स्टाफ पर तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जाँच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।केवल छात्र को बलि का बकरा बनाने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर हुई इस सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
