प्राथमिक विद्यालय हालिमपुर में शौचालय नहीं रहने से छात्र-छात्राओं को घर या गांव में जाना पड़ता है
शिक्षक-शिक्षिकाओं को गांव निजी व्यक्ति के शौचालय में जाना पड़ता है ।
प्रवीण कुमार,आजमनगर (कटिहार)
आजमनगर प्रखंड अंतर्गत के प्राथमिक विद्यालय हालिमपुर छात्र-छात्राएं स्कूल ड्रेस में नियमित रूप से विद्यालय आते हैं। छात्र- छात्राओं अनुशासित ढंग में रहकर पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में योग्य शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से छात्र-छात्राओं की पठन-पाठन में रुचि बढ़ती जा रही हैं। प्रधानाध्यापक मो0युसूफ के द्वारा विद्यालय का गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन पर विशेष ध्यान रहते हैं। प्रधानाध्यापक मो0 युसूफ विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ अच्छा संबंध रखते हुए विद्यालय की विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया करते हैं। प्राथमिक विद्यालय हालिमपुर में वर्ग एक से पांच तक की पढ़ाई होती है।प्रधानाध्यापक कुशल व्यवहार के साथ साथ कुशल प्रशासक भी हैं। विद्यालय में वर्तमान में नामांकित 79 छात्र-छात्राओं अध्यनरत है। सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते हैं और विद्यालय में समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि लेते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापक से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। इस विद्यालय में सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापक को काफी सहयोग कर रहे हैं। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। प्रधानाध्यापक मो0युसूफ ने बताया कि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। विद्यालय में सभी शिक्षक समय पर उपस्थित होकर विद्यालय में पठन पाठन का कार्य करते है। प्रधानाध्यापक मो0 युसूफ ने कहा कि विद्यालय में कार्यरत वर्ग 1 से 5 के शिक्षक बबली कुमारी,चमन कुमार सिंह,प्रीती कुमारी,मो0 नसीम अख्तर मो0 ओबेदूल्ला ने पठन-पाठन का कार्य में करते हैं। प्रधानाध्यापक मो0 युसूफ ने कहा कि विधालय को प्राप्त मात्र 17 डीसमल जमीन पर 02 कमरे का भवन है। प्रधानाध्यापक मो0 युसूफ ने कहा कि छात्रों की संख्या वर्ग 1 में 14,छात्र, वर्ग 2 में 13, वर्ग 3 में 20,वर्ग 4 में 21, वर्ग 5 में 11 हैं। विद्यालय में अलमारी,दरी,स्पीकर सेट,फर्नीचर, चापाकल,बिजली कनेक्शन लेने के पश्चात प्रत्येक कमरे में लाइट एवं बिजली पंखा लगाने का कार्य किया। प्रधानाध्यापक मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि विद्यालय मात्र 17 डिसमिल जमीन पर दो कमरे का भवन है। विद्यालय में आंशिक उपस्कर और फर्नीचर है। इसके अलावे विद्यालय में कुछ भी नहीं है।जिसके कारण विद्यालय संचालन करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की विद्यालय में शौचालय नहीं रहने के कारण छात्र-छात्राओं को अपने-अपने घर में जाना पड़ता है या फिर गांव में जाना पड़ता है। शिक्षक- शिक्षिका को भी गांव निज व्यक्ति के आवास के शौचालय में जाना पड़ता है। जिसके कारण खासकर महिला शिक्षिकाओं को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में बेंच डेक्स नहीं रहने के कारण छात्र- छात्राओं को फर्श पर बिठाकर पठन-पाठन करने को विवश हैं।विद्यालय में मात्र दो कमरे में वर्ग 1 से 5 तक का पठन-पाठन कागज संचालन किया जा रहा है। कमरा का घोर अभाव है।इसलिए विभाग को चाहिए कि विद्यालय को अधिक से अधिक भवन बनाने के दिशा में सकारात्मक कदम उठाना चाहिये। विद्यालय में खेल का मैदान हो जाने से छात्र-छात्राओं को नियमित रूप से खेलने में काफी सुविधाजनक हो सकता है।
