किशनगंज हाई स्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) सीमांचल के विकास का नया अध्याय लिखेगा : विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी
कटिहार सहित सीमांचल क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, आधुनिक सड़क संपर्क, औद्योगिक प्रगति एवं आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में प्रस्तावित मोरेग्राम (पश्चिम बंगाल)–किशनगंज हाई स्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) परियोजना पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा आयोजित वर्चुअल बैठक में विस्तृत समीक्षा एवं तकनीकी प्रस्तुतीकरण किया गया।इस वर्चुअल बैठक में सभापति, जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति, बिहार विधानसभा सह माननीय विधायक, कदवा श्री दुलाल चंद्र गोस्वामी, कटिहार के जिला पदाधिकारी तथा NHAI की तकनीकी टीम एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के रूट, संपर्क मार्गों, पुल निर्माण, जीरो माइल तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सहित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार प्रस्तावित एक्सप्रेसवे मोरेग्राम (पश्चिम बंगाल) से प्रारंभ होकर गंगा नदी पर राजमहल (झारखंड) एवं मानिकचक (पश्चिम बंगाल) के बीच प्रस्तावित विशाल पुल के माध्यम से बिहार में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड अंतर्गत पासोल गांव से बिहार में प्रवेश करते हुए आजमनगर, कदवा एवं डंडखोरा प्रखंड से होकर लगभग 38.4 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इस दौरान यह कटिहार जिले के कुल 46 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्र के हजारों परिवारों को बेहतर सड़क संपर्क एवं विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।बैठक में यह भी बताया गया कि कदवा प्रखंड के भोगांव पंचायत स्थित मुरादपुर गांव को इस परियोजना का जीरो माइल (Zero Mile) विकसित किया जाएगा। यहां से एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग डंडखोरा–रायपुर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-131A (NH-131A) से जुड़ेगा, जिससे कटिहार शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। वहीं दूसरी ओर एक संपर्क मार्ग हरदा, सोसा, कदवा, अशियानी, नंदनपुर एवं सहजना होते हुए किशनगंज की ओर जाएगा, जिससे पूरे सीमांचल की सड़क संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।कटिहार के बाद यह एक्सप्रेसवे फुलहर नदी को पार करते हुए पूर्णिया जिले में लगभग 41.6 किलोमीटर की दूरी तय करेगा तथा आगे किशनगंज जिले के नतुआपारा से प्रवेश कर लगभग 19.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए शिंगाकाटा के समीप प्रस्तावित गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस प्रकार सीमांचल क्षेत्र सीधे देश के आधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा।इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत गंगा नदी पर एक अत्याधुनिक विशाल पुल तथा महानंदा नदी पर एक आधुनिक पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन दोनों पुलों के निर्माण से सीमांचल क्षेत्र की वर्षों पुरानी आवागमन संबंधी समस्याओं का समाधान होगा तथा परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, तेज एवं सुगम बनेगी।इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद कटिहार, पूर्णिया एवं किशनगंज सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, कृषि, पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलेगा। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक कम समय में पहुंचाने की सुविधा मिलेगी, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा यात्रा समय और परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह एक्सप्रेसवे सीमांचल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गलियारों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर माननीय विधायक श्री दुलाल चंद्र गोस्वामी ने कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि सीमांचल के उज्ज्वल भविष्य, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समग्र विकास का मजबूत आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सीमांचल को जिस उच्च स्तरीय सड़क संपर्क की आवश्यकता थी, यह एक्सप्रेसवे उस आवश्यकता को पूरा करने वाला ऐतिहासिक प्रकल्प है।श्री गोस्वामी ने इस जनहितकारी एवं दूरदर्शी परियोजना के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में सीमांचल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है और यह परियोजना उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), कटिहार जिला प्रशासन तथा इस परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों का भी आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सर्वेक्षण एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।श्री गोस्वामी ने कहा कि मोरेग्राम–किशनगंज हाई स्पीड कॉरिडोर आने वाले समय में सीमांचल के विकास की नई पहचान बनेगा तथा कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज सहित पूरे क्षेत्र को आधुनिक आधारभूत संरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश, रोजगार और समृद्धि के नए युग में प्रवेश कराएगा।
