बरारी मनरेगा सहायक अभियंता पर पंचायत प्रतिनिधियों ने लगाया रिश्वत व लापरवाही का आरोप, किया हटाने की मांग।
बरारी (सुमन सोनी)
बरारी प्रखंड अन्तर्गत मनरेगा कार्यालय में पदस्थापित वर्तमान सहायक अभियंता का मनमानी चरम सीमा पार करने लगी है।समय पर योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति नहीं दिए जाने के विरोध में पंचायत प्रतिनिधियों ने कटिहार के जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त को लिखित आवेदन सौंपकर कानूनी कार्रवाई करने एवं हटाने की मांग किया है।पंचायत समिति सदस्य छोटेलाल ऋषि, मुखिया प्रतिनिधि आवू तालिब, जैनुल औवेसी समिति, पूजा कुमारी एवं नूतन कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में पदस्थापित सहायक अभियंता आशुतोष ठाकुर (मनरेगा) योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति देने में अनावश्यक रूप से विलंब कर रहे हैं। बार-बार संपर्क करने पर “आज आएंगे, कल आएंगे” कहकर एक से दो सप्ताह तक टालमटोल किया जाता है, इसके बावजूद भी वे स्थल पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचते हैं।आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने के एवज में मोटी रकम की मांग की जा रही है। राशि नहीं देने पर योजना की राशि काटने की धमकी दी जाती है। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, बार-बार अनुरोध करने पर सहायक अभियंता आक्रोशित होकर यह तक कह देते हैं कि “यह मेरी मर्जी है, जाएंगे या नहीं जाएंगे, पैसा दो तभी काम होगा, मुझे किसी का डर नहीं है।पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि इस लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण नई योजनाओं का शुभारंभ नहीं हो पा रहा है, जिससे गरीब मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है और मनरेगा के कार्य पूरी तरह बाधित हैं।उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब वर्तमान सहायक अभियंता को हटाकर किसी अन्य सहायक अभियंता की पदस्थापना करने की मांग की है, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके और मजदूरों को समय पर रोजगार मिल सके।
