समग्र विकास में विद्यालय शिक्षा समिति की भूमिका महत्वपूर्ण,विद्यालय की समस्याओं पर चर्चा।
अशोक यादव (डडंखोरा)
डंडखोरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय संगत टोला डंडखोरा में बुधवार को विद्यालय शिक्षा समिति के पदधारकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राइट टू एजुकेशन फोरम कटिहार एवं आर्थिक अनुसंधान केंद्र के तत्वाधान में आयोजित इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य सूरज कुमार विश्वास ने किया।स्थानीय सामाजिक संस्था लोक स्वराज एवं गगन तारा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, सचिव, सदस्य, शिक्षक, स्वयंसेवी संस्था के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय शिक्षा समिति के अधिकार एवं कर्तव्यों से अवगत कराते हुए विद्यालय के समग्र विकास का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की ओर से पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था है। अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विद्यालय की समस्याओं का जिक्र करते हुए अध्यक्ष एवं सदस्यों ने कहा कि विद्यालय के कई ऐसे कमरे है। जिसमें मरमती की अत्यंत जरूरत है।छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। साथ ही पर्याप्त संख्या में बेंच-डेस्क विद्यालय में उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण छात्रों को परेशानी होती है। खेल का मैदान नहीं रहने की वजह से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही है।. कार्यक्रम में यह निर्णय लिया गया कि जल्द ही विद्यालय शिक्षा समिति का एक प्रतिनिधि मंडल जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलकर विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराएंगे तथा उसके समाधान को लेकर अनुरोध करेंगे। राइट टू एजुकेशन फोरम एवं आर्थिक अनुसंधान केंद्र की ओर से सूरज कुमार गुप्ता ने बताया कि विद्यालय शिक्षा समिति को कई तरह के अधिकार दिये गये है। अगर विद्यालय शिक्षा समिति अपने अधिकार एवं कर्तव्य के प्रति सजग रहा तो विद्यालय का समग्र विकास निश्चित रूप से होगा। उन्होंने समिति केअध्यक्ष, सचिव व सदस्यों को उनके कई तरह के अधिकारों की जानकारी दी। बैठक में विद्यालय के प्रधानाध्यापक लाल बिहारी पासवान, वरीय शिक्षक शशि रंजन रंजन पटवे, मनोज जयसवाल, सचिव जुली देवी, कालिंदी कुमारी राज रंजन सोनू चौधरी,अंजली देवी, सुशीला देवी, सचिन कुमार, संजय कुमार सिंह आदि कई सदस्य व प्रतिनिधि मौजूद थे।
