पूर्णिया में विचार गोष्ठी का हुआ आयोजित
प्रवीण कुमार (कटिहार)
सम्राट अशोक को याद किया जाना नितान्त आवश्यक है – मनोज सिंह
पुर्णिया स्थित एक निजी होटल में विचार गोष्ठी आयोजित किया गया। जिसका विषय था। क्या सम्राट अशोक कुशवाहा थें ? इस विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि धनेश्वर प्रसाद, प्राचार्य लार्ड बुद्धा स्कूल पटना थे। उन्होंने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि सम्राट अशोक मौर्य वंश के तीसरे राजा थें। किसी एक ही परिवार से एक के बाद एक जन्म लेने वाले व्यक्तियों को वंश कहते हैं। किसी जाति का नाम तब रखा जाता है। जब इसे वंश क्रम में रखा जाता है।कल के मौर्य आज के कोयरी उर्फ कुशवाहा हैं। इस पर किसी प्रकार का आपत्ति नहीं होना चाहिए।क्योंकि धनेश्वर मौर्य विहार पत्रिका के संपादक हैं। इस विचार गोष्ठी की अध्यक्षता श्री मनोज कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सम्राट अशोक की चर्चा बहुत जोर शोर से चल रही है और आज के दौर में भी सम्राट अशोक को याद किया जाना नितान्त आवश्यक है। क्योंकि जितने भी कुशवाहा समाज के राजा हूए है। उनमें सम्राट अशोक की आज भी मौर्य वंश के चक्रवर्ती राजा के रूप में की जाती है। मौर्य विहार पत्रिका के संपादक संजय कुमार ने कहा कि इस देश में जाती जन्म के साथ ही निधारित हो जाती है। और मृत्यु के बाद भी चलती रहती है। राजीव कुमार ने कहा सम्राट अशोक आज भी हमारे समाज के लिए जरूरी है।श्री मति मीनू सिंह ने कहा कि आज भी मौर्य जाति का मतलब कोयरी समझा जाता है।इंजिनियर इंदू भूषण जी ने कहा कि सम्राट अशोक को कुशवाहा समाज अपना मानता है। इस विचार गोष्ठी में अवधेश कुमार सिंह, श्रीमती सिंधु,देवनारायण मेहता, अंकित, सुरेंद्र प्रसाद वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।इसके अलावा तारांनद सिंहा, अनमोल कुमार, विदयानंद सिंह, चितरंजन कुशवाहा ने भी भाग लिया है।
