दशक पूर्व दान की गई जमीन पर भी नहीं बना विद्यालय।
रौशन अग्रवाल के दबाव में नींद से जागा शिक्षा विभाग।
(बारसोई|मनोरंजन साहा)
कटिहार जिला के बारसोई प्रखंड अंतर्गत शिकारपुर पंचायत, वार्ड संख्या–08, टोला माहीनगर में स्वीकृत विद्यालय भवन निर्माण का मामला शिक्षा विभाग की वर्षों की लापरवाही का उदाहरण बन गया है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों ने दशक पूर्व ही विद्यालय निर्माण के लिए भूमि राज्यपाल के नाम दान कर दी थी, इसके बावजूद आज तक भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।इस गंभीर विषय को लेकर बलरामपुर विधानसभा के प्रत्याशी रौशन अग्रवाल द्वारा दिए गए मांग पत्र के बाद ही शिक्षा विभाग हरकत में आता दिखाई दिया। जिला शिक्षा पदाधिकारी, कटिहार ने कार्यालय पत्रांक SSA/A & ST/–1822, दिनांक 11-12-2025 से प्रतिवेदन जारी कर स्वीकार किया है कि माहीनगर में विद्यालय भवन निर्माण स्वीकृत है।प्रतिवेदन के अनुसार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बारसोई एवं बिहार शिक्षा परियोजना, कटिहार के कनीय अभियंता श्री जितेन्द्र नारायण द्वारा भूमि की स्थलीय जाँच भी पूरी कर ली गई है और जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध है। बावजूद इसके विभाग ने भवन निर्माण हेतु राशि की मांग AWP&B 2026-27 में करने की बात कहकर एक बार फिर मामले को आगे टाल दिया है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि रौशन अग्रवाल द्वारा यह मुद्दा नहीं उठाया जाता, तो शिक्षा विभाग अब भी कुंभकर्णी नींद में सोया रहता। बच्चों को वर्षों से बिना समुचित भवन के पढ़ने को मजबूर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।ग्रामीणों और अभिभावकों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार के साथ अन्याय है। लोगों ने मांग की है कि जब जमीन, स्वीकृति और जाँच सब कुछ पहले से मौजूद है, तो निर्माण कार्य में और देरी क्यों?रौशन अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि यदि शीघ्र विद्यालय भवन निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इस मुद्दे को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रहेगा और जन आंदोलन के माध्यम से दबाव बनाया जाएगा।यह मामला अब केवल माहीनगर का नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को उजागर करता है।
