ट्रेनों के परिचालन में बाधा पहुंचाने और रेल राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों की अब खैर नहीं होगी सख्त कार्रवाई, जाएंगे जेल: एकलव्य चक्रवती
प्रवीण कुमार(कटिहार)
भारतीय रेलवे ने हाल ही में हुई कुछ घटनाओं की कड़ी निंदा की है, जिसमें कुछ असामाजिक लोगों ने विरोध के नाम पर ट्रेनों की आवाजाही में बाधा डाल कर जहां एक और रेल परिचालन को बाधित किया जा रहा है वही दूसरी और जाने अनजाने में रेल राजस्व को भी काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। रेलवे प्रशाशन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कारण से रेल रोको को अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा और उनके विरुद्ध अब गैरकानूनी हरकत के लिए रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार रेल प्रशासन के तरफ से रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में पूर्वी रेलवे कोलकाता के पीआरओ एकलव्य चक्रवती ने जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 174 के तहत, रेल रोको जैसी गतिविधियों के लिए न्यायालय द्वारा दो साल तक की कैद और 2000 रुपये तक का आर्थिक जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है। इसके अलावा,रेलवे एक्ट की धारा 154 और 153 के तहत भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।जिसमें दोषी को जेल की हवा भी खानी पर सकती है। वही रेलवे एक्ट की धारा 154 के तहत, रेल यातायात की सुरक्षा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जिसके लिए ऐसे उल्लंघनकर्ता को जेल हो सकती है। जबकि रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत, रेलवे से यात्रा करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने पर पांच साल तक की कैद हो सकती है। रेलवे प्रशाशन ने आम जनता से अपील किया है कि वे रेल की आवाजाही को बाधित न करें, जो कोलकाता और उपनगरीय क्षेत्रों की जीवन रेखा है। लाखों दैनिक यात्रियों के हितों और अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वह यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है और अब रेल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी भी तरह की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
