August 29, 2026

बाल हृदय योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए जिले के 06 बच्चों को भेजा गया आईजीआईसी, पटना

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-जिलाधिकारी के आदेश पर एम्बुलेंस द्वारा सभी बच्चों को परिजनों के साथ भेजा गया है पटना, जांच और उपचार की ली जा रही है जानकारी

प्रवीण कुमार(कटिहार)

जन्म के साथ विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों की विशेष जांच और उपचार के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का आयोजन किया जाता है। इसके तहत जन्म के साथ विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान करते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित बच्चों को परिजनों के साथ विशेष जांच और उपचार के लिए आईजीआईसी, पटना भेजा जाता है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों की जांच के बाद ग्रसित बच्चों को आवश्यक उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। बाल हृदय योजना के तहत ग्रसित बच्चों की जांच और उपचार के लिए कटिहार जिले के 06 बच्चों को परिजनों के साथ जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा द्वारा एम्बुलेंस के माध्यम से आईजीआईसी, पटना भेजा गया है। पटना में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद स्वास्थ्य परिस्थितियों के अनुसार ग्रसित बच्चों का उपचार आईजीआईसी, पटना में या हैदराबाद में कराया जाएगा। आरबीएसके के तहत जन्म के साथ गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों का जांच और उपचार जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है : जिलाधिकारीजिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा द्वारा कहा गया है कि राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जन्म के साथ गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार सुविधा का लाभ जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के तहत जन्मजात बच्चों में होने वाले कुल 38 तरह के रोगों का निःशुल्क इलाज राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें जन्मजात बच्चों का चर्मरोग, दाँत व आँख संबधी रोग, टीबी, एनीमिया, हृदय संबंधी रोग, श्वसन संबधी रोग, जन्मजात विकलांगता, बच्चों के कटे होंठ व तालु संबधी रोग आदि शामिल हैं। बाल हृदय योजना के तहत हृदय में जन्मजात छेद सहित अन्य हृदय संबंधी रोगों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में बेहद आसान हो चुका है। ऐसे बच्चों की जांच और उपचार के लिए आरबीएसके के माध्यम से जिले के 06 बच्चों की पहचान की गई है जिन्हें परिजनों के साथ जांच और उपचार के लिए आईजीआईसी पटना भेजा गया है। सभी बच्चों को परिजनों के साथ जांच और उपचार की सभी सुविधाएं राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। समय पर जांच और उपचार से बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित रहते हुए स्वस्थ जीवन का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।

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