सर्वोदय डिग्री कॉलेज पुनः चालू करने को लेकर विचार विमर्श संगोष्ठी, जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों ने की पहल तेज करने की मांग।
कुर्सेला (राजशेखर जयसवाल)
कुर्सेला प्रखंड के पीडब्लूडी मैदान स्थित डाक बंगला परिसर में मंगलवार को सर्वोदय डिग्री कॉलेज, कुरसेला मुक्ति आंदोलन समिति की ओर से सात वर्षों से बंद पड़े डिग्री कॉलेज को पुनः प्रारम्भ कराने को लेकर एक विचार-विमर्श संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता सह सर्वोदय महाविद्यालय प्रबंधन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष इंदिरानंद मंडल ने की, जबकि संचालन विनोद राज झा ने किया।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कुरसेला प्रखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं को हर वर्ष उच्च शिक्षा के लिए कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि संसाधनों के अभाव और दूरी के कारण कई विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। कॉलेज के सात वर्षों से बंद रहने से क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है, इसलिए इसे पुनः चालू करना बेहद आवश्यक है।कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य उमेश यादव, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि संजीव कृष्णन उर्फ़ गुड्डू यादव, कॉलेज प्रभारी प्राचार्य सिंटू कुमार यादव, उत्तरी मुरादपुर के मुखिया अविनाश सिंह, पूर्व प्रमुख अरुण मंडल, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश यादव, जदयू प्रखंड अध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता, जदयू महिला प्रखंड अध्यक्ष डेजी कुमारी, उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि मनोज जायसवाल, शिक्षाविद् शैलेंद्र सिंह, लोजपा नेता निलेश गुप्ता, मिलन मंडल, लड्डू अंसारी, मनोज सिंह, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र राय और दिलशाद खान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।सभी वक्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि सर्वोदय डिग्री कॉलेज के पुनः संचालन से क्षेत्र में शैक्षणिक माहौल सुदृढ़ होगा। प्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग से कॉलेज के संचालन, स्टाफ की नियुक्ति तथा बुनियादी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।कार्यक्रम में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया कि आंदोलन समिति जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार के संबंधित पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपेगी। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी कॉलेज पुनः चालू कराने के मुद्दे पर सक्रिय पहल करने की अपील की गई।अंत में अध्यक्ष इंदिरानंद मंडल ने कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन व्यापक जनसहयोग के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। मौके पर मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में शिक्षा के अधिकार को लेकर एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
