October 18, 2026

आवास की सूची में नाम नहीं तो फूटा महिलाओं का आक्रोश, BDO- SDO से लगाई न्याय की गुहार।

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हसन रजा (आबादपुर)

प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम नहीं आने और लाभुकों की सूची ग्रामीणों के सामने सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर बलतर एवं सुधानी पंचायत की सैकड़ों महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और BDO को आवेदन सौंपकर मामले की जांच की मांग की। इसके बाद अनुमंडल मुख्यालय पहुंचकर SDO के समक्ष भी अपनी शिकायत रखी।सुधानी पंचायत से पहुंचीं महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के वास्तविक जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों को लाभ से वंचित किया जा रहा है, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि योजना में नाम जोड़ने के समय कथित रूप से 2 से 3 हजार रुपये तक की राशि ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद पात्र गरीब परिवारों का नाम सूची में नहीं आया।महिलाओं का कहना था कि पंचायत स्तर पर कई बार अपनी समस्या लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, जब पंचायत स्तर से समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर प्रखंड और अनुमंडल मुख्यालय पहुंचीं।मनोहरी की महिलाओं का आरोप—“आज तक नहीं दिखाई गई आवास की सूची”वहीं बलतर पंचायत के मनोहरी गांव से पहुंचीं महिलाओं ने मुखिया, पंचायत सचिव एवं वार्ड सदस्यों पर सूची को सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाया। महिलाओं ने कहा कि उन्हें न तो ग्राम सभा और आम सभा की जानकारी दी गई और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची दिखाई गई।ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि वे अपने नाम की जानकारी लेने के लिए कभी मुखिया के घर तो कभी वार्ड सदस्य के घर जाती रहीं, लेकिन उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं बताया गया कि सूची में उनका नाम है या नहीं। काफी दिनों तक चक्कर लगाने के बाद आखिरकार वे सामूहिक रूप से BDO कार्यालय पहुंचीं।रोशन अग्रवाल ने कहा—पूरे सिस्टम की होनी चाहिए जांचमामले में बलरामपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रोशन अग्रवाल ने कहा कि यदि आवास योजना की सूची को लेकर ग्रामीणों की ओर से गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जांच केवल मुखिया या पंचायत सचिव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि योजना से जुड़े सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।रोशन अग्रवाल ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि आवास योजना की सूची को सार्वजनिक कराया जाए और पात्रता के आधार पर लाभुकों का चयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मो. आजाद, प्रदीप यादव, मो. फायेक, मो. साजिद, सोनी खातून, रेहना खातून, सुखो खातून, खैरुन निशा, अंजलि देवी, सीता देवी, शांति कुमारी, सबेरून खातून, मंजरी खातून, सोहेला खातून, जोबेदा खातून, आसरीफा खातून, शहजादी खातून, रुकसाना खातून, नूर बानू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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