July 26, 2026

अल्पसंख्यकों का भला चाहते हैं तो खुद का गृह मंत्रालय छोड़ अल्पसंख्यक समुदाय से बनाए होम मिनिस्टर — प्रशांत किशोर

Read Time:3 Minute, 56 Second

सतीश सिंह

मधुबनी– जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बीते दिनों जारी किए गए जातिगत सर्वे की रिपोर्ट के जरिए तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि 2024-25 के चुनाव में नीतीश कुमार को जातिगत सर्वे बहुत भारी पड़ने वाला है। अगर, वे दोनों भला चाहते हैं तो मुसलमान को होम मिनिस्टर बनाएं। लालू जी और नीतीश जी को ये बताना चाहिए कि समाज के जो पिछड़े वर्ग हैं, जिनकी रहनुमाई का वो दावा कर रहे हैं उनमें से कितने लोगों को उन्होंने टिकट देकर विधायक बनाया है। जो विधायक जीतकर आए हैं, उनमें से कितनों को उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल किया है और जो लोग मंत्रिमंडल में शामिल हैं, उन्हें किस तरह के विभाग दिए गए हैं और उनके पास कितना बजट है। हम आपको आंकड़ा बता देते हैं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में बिहार सरकार का बजट है 2 लाख 46 हजार करोड़ रुपए। इसमें से करीब-करीब 60 फीसदी का जो बजट है वो सिर्फ दो व्यक्तियों के पास है। वो हैं नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव। हकमारी तो यही दो लोग कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव खुद क्यों बने रहेंगे पथ निर्माण मंत्री : प्रशांत किशोर

मधुबनी के खुटोना प्रखंड में पत्रकारों से बातचीत में प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव क्यों पथ निर्माण मंत्री रहेंगे। समाज का जो दबा-कुचला वर्ग है, जिसका वे दावा करते हैं कि उनको आवाज दे रहे हैं, आप उन्हें मौका दीजिए। अगर, तेजस्वी यादव खुद से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ले लें और जो मुस्लिम मंत्री हैं जिन्हें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय का प्रभार दिया गया है अगर वे गृह मंत्री हो जाएं तो इससे कौन रोक रहा है।

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने समाज को बांटने का फेंका है अंतिम पासा, ये सर्वे पड़ेगा भारी: प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि हाल में हुए सर्वे और गणना इसलिए नहीं कराई गई है कि उनको हक देना है। ये समाज को बांटकर वोट लेने का उपाय खोजा गया है, ये नीतीश कुमार का अंतिम दांव, पासा फेंककर लाभ उठाने का प्रयास है। लेकिन, ये जातिगत सर्वे उनको उल्टा पड़ा है। जो राजनीतिक समझ हमारी है, ये सर्वे नीतीश कुमार को बहुत भारी पड़ने वाला है। क्योंकि जिन वर्गों को भागीदारी नहीं मिली है, उनको ये दिख गया है कि हमारा हक लालू और नीतीश कुमार ही मार रहे हैं। जिनकी संख्या आपने बढ़ा दी, वो कह रहा है कि हमको और हक दीजिए। हमारी संख्या के हिसाब से हमको हक नहीं मिल रहा है। जिनकी संख्या आपने घटा दी वे कह रहे हैं, हमारा तो नंबर ही कम कर दिया। अब चुनाव आएगा तो आप देखिएगा कि नीतीश और तेजस्वी को अब दोनों ओर से राजनीतिक मार पड़ने वाली है।

Previous post विद्यालय में चहारदीवारी नहीं होने से बच्चे है असुरक्षित, एक शौचालय का उपयोग करते है छात्र छात्राएं ।
Next post स्थापना दिवस पर कलमकारों को किया सम्मानित ।
Wordpress Social Share Plugin powered by Ultimatelysocial