किसान पाठशाला में किसानों को मिला फसलों में लगने वाले कीट व्याधि से बचाव की जानकारी।
अशोक यादव (डडंखोरा)
डंडखोरा प्रखंड में फसल सुरक्षा योजना वर्ष 2022- 23 को लेकर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत डंडखोरा प्रखंड के द्वाशय पंचायत अंतर्गत लोहारी गांव आयोजित किसान पाठशाला में सहायक तकनीकी प्रबंधक सुभाष कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कीट व्याधि खरपतवार नियंत्रण जैविक कीटनाशक के प्रयोग पर विस्तार पूर्वक बताया। गेहूं में पछुआ हवा के चलने से लाही कीट का प्रकोप बढ़ जाता है फूल एवं बाली से रस चूसते हैं। ऐसा होने पर कितना कीटनाशक का प्रयोग करें। गेहूं में भूरा हरदा, पीला हरदा व झुलसा रोग आदि का भी प्रकोप होता है। मक्के के फसल में पौधे की जड़ में कजरा पीलू का प्रकोप के कारण नई पौधों को जमीन के सतह से काटकर गिरा देता है। इसके रोकथाम के लिए क्लोरो क्लोरोप्यूरी फॉस 20% ई सीका फसल के जड़ पर छिड़काव करें ।स्टीम बोरर ,तना छेदक का भी प्रकोप होता है। सरसों में कीट व्याधि के प्रकोप पर भी विस्तार पूर्वक बताया गया। आम के पौधे की देखभाल को लेकर भी विस्तार पूर्वक बताया गया । अभी आम के बाग की जुताई कर दें साथ में जड़ों से लगभग 1 मीटर तक चूना के साथ में रासायनिक कीटनाशक को मिलाकर पुताई करें । आम के पौधे में लगने वाले प्रमुख कीट में दहिया कीट ,मधुवा कीट काफी प्रकोप होता है इसकी रोकथाम को लेकर विस्तार पूर्वक बताया गया। मौके पर किसान सलाहकार ने कहा कि किसी भी फसल की बुवाई के पूर्व मिट्टी जांच एवं बीज उपचार पर विस्तार पूर्वक बताया। पूर। इस मौके पर कृषक देव कुमार बिंद, आदित्यदेव बिंद, अशोक राम ,माया देवी ,सुशीला देवी ,चंपा देवी, चांदनी देवी, कैलाश महतो, ललन कुमार, रोशन कुमार बिंद ,विजय कुमार महतो ,शंकर बिंद, सुदाम राम सहित अन्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
