विभागीय लापरवाही व अनदेखी से महमदिया वार्ड संख्या 14 के लोगों में आक्रोश
डेस्क (हसनगंज)
हसनगंज प्रखंड अंतर्गत जगरनाथपुर पंचायत के महमदिया गांव स्थित वार्ड संख्या 14 में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर संचालित नल-जल योजना का लाभ ग्रामीणों को अब तक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और अनदेखी के कारण योजना धरातल पर बेकार साबित हो रही है। गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य तो किया गया, लेकिन समय के साथ पाइप क्षतिग्रस्त होने और नल व अन्य उपकरणों के खराब हो जाने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांव में पाइपलाइन सहित नल-जल योजना का काम कराया गया था। लेकिन वर्तमान में कई जगह पाइप क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और नल भी टूटे पड़े हैं। योजना की नियमित देखरेख एवं मरम्मत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में चापाकल के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मौके पर ग्रामीण वार्ड सदस्य नविता देवी, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि जुगनू विश्वास, नरेश विश्वास, मुकेश कुमार विश्वास, गीता देवी, जूली देवी, कल्पना देवी ने विभागीय व्यवस्था के प्रति आक्रोश जताते हुए कहा कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार चापाकल के पानी में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण पानी का रंग और स्वाद भी प्रभावित रहता है। इसके बावजूद स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल का कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने के कारण लोग इसी पानी का इस्तेमाल करने को विवश हैं। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार आयरन युक्त पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है और कई लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की शिकायत भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और नल की तत्काल मरम्मत कराकर नल-जल योजना को सुचारू रूप से चालू कराया जाए। साथ ही पानी की गुणवत्ता की जांच कराकर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर रखरखाव के अभाव में लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
