बांध पर पनाह ले रखे कटाव विस्थापित परिवारों घर जले मुआवजे की मांग ।
रतन कुमार ओझा (मनिहारी)
शनिवार दोपहर खाना बनाने के दौरान सिलिंडर से गैस रिसाव से आग ने रौद्ररुप पकड़ लिया था।आग लगने की इस घटना में सौ से अधिक घर पूरी तरह तबाह हो गये। घर मे रखे सभी सामान जल गये। जम्मू में पदस्थापित सेना के जवान वीरेन्द्र चौधरी अपने घर छुट्टी पर आये हैं, बताया कि आग की घटना मे उनकी सेवा से संबंधित व कई दस्तावेज जल गये। रुबी देवी ने बताया कि लोगों को संभलने का भी मौका नही मिला।दूधमुंहे बच्चे को आग की लपटों के बीच निकालने के प्रयास मे कुछ लोग झुलस गये हैं।एक गाय भी झुलस गयी है, जिसका ईलाज जारी है।दस बकरियों के जलने की जानकारी मैत्री अशोक सिंह ने दी।पीड़ित जिच्छु ठाकुर ने बताया कि तकरीबन पचास परिवार पूरी तरह से तवाह होकर खुले आसमान के नीचे आ गये। इस गांव मे पीने की पानी के लिए एक हैंड पम्प काम कर रहा है।बिजली के तार क्षतिग्रस्त होने से लोग अंधेरे में भय के साये मे खुले आसमान के नीचे जीने को विवश हैं।प्रशासन की ओर से शनिवार देरशाम प्लास्टिक सीट के साथ कुछ बर्तन पीड़ितों को दी गयी है।प्रखंड विकास पदाधिकारी रणधीर कुमार ने जानकारी दी कि पीड़ित परिवारों की भोजन के लिए कम्यूनिटी कीचन शुरू कर दी गयी है।उन्होने जानकारी देते हुए कहा कि 38 पीड़ित परिवारों की पहचान कर ली गयी। आपदा राहत कोष से नियमानुसार देय राशि का भुगतान शीध्र कर दिया जाएगा। जिप सदस्य सुमति देवी ने भी अपनी नीजी कोष से पीड़ितों के बीच सूखे राशन का वितरण किया। उन्होनें दूधमुंहे बच्चे, नवजात शिशुओं ,सहित शिशुवती महिलाओं के लिए अतिरिक्त पोषाहार मुहैया कराने की मांग की है। अनुसूचित जन जाति आयोग के अध्यक्ष शंभू कुमार सूमन ने आग लगने की घटना से गहरा दुःख जताते हुए प्रशासन से पीड़ितों को हर संभव मदद के निर्देश दिये हैं।इस बीच बीडीओ रणधीर कुमार ,राजस्व पदाधिकारी विवेकानंद , मुखिया प्रतिनिधि जीतेन्द्र कुमार , पंचायत समिति सदस्य कुन्दन पासवान, संजय कुमार अग्नि पीड़ितों को हर संभव सहुलियत उपलब्ध कराने मे जूटे है। आग बुझाने के बाद भी घटना स्थल पर आग के शोले व धूआं 24 घंटे बाद भी देखे गये।
