कटाव को रोकने के लिए महिलाओं ने पूजा अर्चना कर गंगा मैया से लगाई गुहार।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने तटीय इलाके का किया दौरा। किसानों के उपजाऊ जमीन का हो रहा है क्षरण।
दार्जिलिंग एक्सप्रेस|कुर्सेला
कुर्सेला प्रखंड के गंगा कोसी के लगातार जलस्तर का उतार चढ़ाव से तीनघरिया, खेरिया गांव के गंगा किनारे उपजाऊ जमीन जलस्तर बढ़ने घटने से स्थितियों में कटाव बढ़ता दिख रहा है। कटाव के बढ़ते प्रकोप से तटिय क्षेत्र में आबादी सहमा हुआ है। नदी का कटाव फिर तीन घरिया , खेरिया,गांव के करीब पहुंचता जा रहा है। खेती के उपजाऊ जमीन कटने के साथ गांव की बड़ी आबादी पर के अस्तित्व पर संकट का खतरा मंडरा रहा है। वहीं पटना से लौट के क्रम में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी अपने समर्थकों के साथ पत्थर टोला, खेरीया, तीनघड़िया, गंगा कोशी तटीय इलाके का दौरा किया। तथा समुचित समस्या की जानकारी लेकर संबंधित पदाधिकारी से वार्तालाप किया।वही बता दे की कटाव को देखते हुए तीनघरियां गांव के महिलाओं लोग ने गंगा किनारे बने बजरंगबली मंदिर में सभी पहुंचकर पूजा अर्चना शुरू कर दी और पूजा अर्चना करते हुए बजरंगबली तथा गंगा मैया से कहा कि है गंगा मैया हम लोग का जमीन घर बार कटने से बचा ले अब कुछ तो रहम करो। वही गांव वाले ने बताया कि कोई भी सरकार के जनप्रतिनिधि अभी तक देखने एवं सुधि लेने तक नहीं पहुंचे है। हम लोग को अब गंगा मैया ही इस कटाव को अब रोक सकती है। तथा सरकार से मांग किया है। अभिलंब इस कटाव पर रोक लगे नहीं तो हम लोगों का सारा उपजाऊ जमीन कट जाएगा तथा गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है। वही कटाव पर विधायक विजय सिंह ने भी जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ के हर बिंदु पर नजर है कुरसेला प्रखंड के गंगा कटाव प्रभावित गांव – पत्थर टोला, खेरिया, तिनघरियां, मजदिया, कमलाकानी एवं मधेली की गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच करवाई है और उसके आधार पर लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक तकनीक से कटावरोधी कार्य कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।यह मांग अभी प्रस्तावित है और बाढ़ के उपरांत इस पर क्रियान्वयन के लिए हम पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध हैं।साथ ही, इस योजना में वर्ल्ड बैंक की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे कार्य और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकेगा।मुझे विश्वास है कि यह निर्णय गंगा कटाव से पीड़ित हजारों परिवारों के लिए स्थायी राहत लेकर आएगा। वही कटाव के संबंधित पदाधिकारी सहायक अभियंता अमित कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि स्थल निरीक्षण कर वरीय पदाधिकारी को सूचना दी गई है।कटाव गांव से थोड़ी दूरी पर हो रही है। फिलहाल कटाव एवं क्षरण स्थल पर काम करने की स्थिति में नहीं है।
