अंतिम सोमवारी पर भारीडीह शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, सेवा भाव से श्रद्धालुओं को शरबत वितरण, पप्पी सिंह ने की भोलेनाथ की पूजा
डेस्क (हसनगंज)
सावन की पवित्र अंतिम सोमवारी पर हसनगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन भारीडीह शिव मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर एवं आसपास मेले जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला पार्षद प्रत्याशी पप्पी सिंह के पति पप्पू सिंह की ओर से मंदिर परिसर में शुद्ध पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई। पप्पी सिंह ने स्वयं श्रद्धालुओं के बीच शरबत का वितरण किया। इस दौरान दर्जनों कार्यकर्ताओं के बीच गमछा भी वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा भाव से श्रद्धालुओं के बीच शुद्ध शरबत का वितरण किया गया है। साथ ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं सर्वमंगल की कामना की। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी संख्या में शिवभक्त मनिहारी गंगा घाट से पवित्र गंगाजल भरकर पैदल यात्रा करते हुए भारीडीह शिव मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ पर गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाएं मांगीं। कई श्रद्धालु घंटों पैदल चलकर मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक के बाद अपनी यात्रा पूरी की। मंदिर पहुंचे श्रद्धालु राहुल राज रेणु, शिवनंदन कुमार और सुजीत यादव आदि ने बताया कि भारीडीह शिव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और सच्चे मन से की गई प्रार्थना से मनोकामना पूरी होने की आस्था है। इसी विश्वास के कारण हर वर्ष मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार भारीडीह शिव मंदिर क्षेत्र का प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर है। मान्यता है कि इसका निर्माण राजा-महाराजाओं के समय कराया गया था। शिवरात्रि के साथ-साथ सावन माह में भी मंदिर का धार्मिक महत्व काफी बढ़ जाता है। सावन की प्रत्येक सोमवारी को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाने पहुंचते हैं। स्थानीय शिवभक्तों ने बताया कि सौरिया के राजा द्वारा क्षेत्र में तीन प्रमुख शिव मंदिरों का निर्माण कराया गया था, जिनमें सौरिया शिव मंदिर, भारीडीह शिव मंदिर और हरखा शिव मंदिर शामिल हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इन मंदिरों में सच्चे मन से भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अंतिम सोमवारी को लेकर मंदिर परिसर एवं आसपास फल, पूजन सामग्री, मिठाई, खिलौने सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें भी सजी रहीं। दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सवी माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में आवश्यक व्यवस्था की गई।
