August 21, 2026

बरंडी नदी हादसे के बाद गम में डूबा मोरसंडा, दूसरे दिन भी नहीं जले कई घरों में चूल्हे

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मो0 काजु (फलका)

सावन की सोमवारी पर बरंडी नदी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद फलका प्रखंड के मोरसंडा गांव में दूसरे दिन भी शोक की लहर बनी रही। एक ही दिन में तीन मासूम बच्चों की मौत से गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। मंगलवार को भी मृतकों के घरों पर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी रही, जबकि परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और पूरा गांव गहरे सदमे में डूबा नजर आया।बताया जाता है कि सोमवार को सावन की सोमवारी के अवसर पर कई बच्चे बरंडी नदी स्थित कमला घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान अमन कुमार, दिव्यांशु कुमार और सत्यम कुमार गहरे पानी में चले गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते घाट पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।तीनों बच्चों के शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों की चीत्कार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मंगलवार को भी मृतकों के घरों में मातमी माहौल बना रहा। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने वर्षों बाद ऐसी दर्दनाक घटना देखी है, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद लोगों ने नदी घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से कई घाट खतरनाक हो जाते हैं, लेकिन वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, बैरिकेडिंग की जाए तथा लोगों को सतर्क करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक कविता पासवान और अंचलाधिकारी सौमी पोद्दार ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया तथा प्रशासन की ओर से आपदा राहत मद के तहत मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।इधर, गांव के लोगों का कहना है कि तीन मासूम बच्चों की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। ग्रामीण चाहते हैं कि इस हादसे को एक चेतावनी के रूप में लेते हुए प्रशासन नदी घाटों पर सुरक्षा के स्थायी इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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