फाइलेरिया मरीजों की पहचान के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया प्रशिक्षिण
प्रवीण कुमार(पूर्णिया)
जिले में फाइलेरिया ग्रसित मरीजों की समय से पहचान करते हुए उन्हें फाइलेरिया ग्रसित अंगों को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराते हुए फाइलेरिया संक्रमित मरीजों को सुरक्षित रखने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को फाइलेरिया मरीजों की समय पर पहचान करते हुए फाइलेरिया ग्रसित अंगों को नियंत्रित रखने के लिए मरीजों को एमएमडीपी किट्स उपलब्ध कराते हुए मरीजों को एमएमडीपी किट्स उपयोग करने की जानकारी साझा करने का प्रशिक्षण दिया गया। सभी को सम्बोधित करते हुए प्रभारी सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मोहन दास ने कहा कि मादा क्यूलेक्स मच्छर द्वारा फाइलेरिया ग्रसित मरीजों के बाद सामान्य व्यक्ति को काटने पर संबंधित व्यक्ति फाइलेरिया से ग्रसित हो जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित होने की जानकारी 5-10 साल बाद प्रभावित अंगों में लगातार सुजन होने से पता चलता है। फाइलेरिया ग्रसित होने पर इसका सम्पूर्ण इलाज नहीं किया जा सकता है। फाइलेरिया ग्रसित मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले दिन प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारियों, बीसीएम, भीबीडीएस और भीडीसीओ को और दूसरे दिन सभी प्रखंड में कार्यरत समुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के बाद सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी किया गया। इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मोहन दास के साथ जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मण्डल, भीडीसीओ रवि नंदन सिंह, डीभीबीडी सोनिया मंडल, भेक्टर जनित रोग नियंत्रण ऑफिस क्लर्क रामकृष्ण परमहंस, पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सिका पदाधिकारी डॉ शरद कुमार, डब्लूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप कुमार, पिरामल स्वास्थ्य जिला लीड चंदन कुमार, प्रोग्राम लीड अवधेश कुमार सहित सभी प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
