July 20, 2026

कोलासी और दिघरी एचडब्ल्यूसी का जिलास्तरीय टीम ने किया निरीक्षण।

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प्रवीण कुमार (कटिहार)

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को शून्य करने में स्वास्थ्य संस्थानों की सराहनीय भूमिका– सिविल सर्जन राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एन्क्वास) कार्यक्रम के तहत जिले के कोलासी और दिघरी स्थित आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का चयन किया गया है। जिसको लेकर जिलास्तरीय टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों को आम जनमानस यानी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की जिम्मेवारी हम सभी की होती है। संस्थागत और सुरक्षित प्रसव को लेकर अस्पतालों में सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने चाहिए। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जाती है। जिसमें राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक लक्ष्य कार्यक्रम एवं कायाकल्प योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है। ताकि प्रसव के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को शून्य किया जा सकता है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों सहित आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एचडब्ल्यूसी) में भी चिकित्सीय व्यवस्था में काफ़ी सुधार हुआ है। क्योंकि गुणात्मक सुधार में जिलाधिकारी और सिविल सर्जन सहित कई अन्य अधिकारियों के दिशा निर्देश और मार्गदर्शन में अनवरत सुधार किया जा रहा है। ताकि ग्रामीण स्तर पर संस्थागत और सुरक्षित प्रसव को सहज और सरल और तरीके से कराया जाए। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिसमें काफ़ी हद तक सफ़लता भी मिली है। संस्थागत और सुरक्षित प्रसव में कायाकल्प योजना, लक्ष्य कार्यक्रम और राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

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